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नेपाल जलप्रलय से बढ़ी चिंता भारत में परिसीमन पर सियासी घमासान

Ratna Netam
27 Aug 2026 7:16 PM IST
नेपाल जलप्रलय से बढ़ी चिंता भारत में परिसीमन पर सियासी घमासान
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दिल्ली : दिनभर की बड़ी खबरों में नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बाद मंडरा रहा नया खतरा, भारत में परिसीमन को लेकर बढ़ती राजनीतिक हलचल और कई अहम घटनाएं शामिल रहीं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में बाढ़ के बाद अब एक प्राकृतिक झील टूटने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। वहीं भारत में परिसीमन बिल और विशेष सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद बैरियर लेक का खतरा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बाद अब एक और खतरे की चेतावनी सामने आई है। चीन के अधिकारियों ने नेपाल-तिब्बत सीमा के ऊपरी क्षेत्र में बनी बैरियर लेक के टूटने की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि यह प्राकृतिक बांध से बनी झील अगले कुछ घंटों में बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।
जानकारी के मुताबिक, यह झील चोचेन खोला और पुरेपु सांगपो नदियों के संगम क्षेत्र में बनी है। झील में पानी का दबाव बढ़ने और ओवरफ्लो की स्थिति के कारण निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड का असर भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ने की आशंका जताई गई है। खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। केंद्र सरकार ने भी स्थिति की निगरानी तेज कर दी है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
गंडक समेत कई नदियों पर नजर
नेपाल से आने वाले पानी के कारण भारत में गंडक नदी के जलस्तर पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है। केंद्रीय एजेंसियां लगातार स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में NDRF और स्थानीय राहत टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन लगातार निगरानी जरूरी है।
भारत ने नेपाल के लिए बढ़ाया मदद का हाथ
नेपाल में आई आपदा के बाद भारत ने राहत अभियान शुरू कर दिया है। भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं। दोनों देशों के बीच आपदा के समय सहयोग की परंपरा रही है।
भारतीय एजेंसियां नेपाल में फंसे लोगों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सक्रिय हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
परिसीमन बिल को लेकर सियासत तेज
भारत में परिसीमन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से विशेष सत्र और परिसीमन बिल की संभावनाओं की चर्चा के बाद कांग्रेस सतर्क हो गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि यह मुद्दा राज्यों के प्रतिनिधित्व और संघीय ढांचे से जुड़ा हुआ है।
परिसीमन के जरिए लोकसभा और विधानसभा सीटों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया जाता है। इसे लेकर दक्षिणी राज्यों समेत कई दल अपनी चिंताएं जाहिर कर चुके हैं।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
सत्ता पक्ष का कहना है कि परिसीमन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों के राजनीतिक प्रभाव पर असर पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीति में बड़ा केंद्र बन सकता है।
नेपाल संकट के बीच भारत की तैयारी
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत ने अपनी सीमा पर भी तैयारी बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़, ग्लेशियर से जुड़ी घटनाएं और भूस्खलन भविष्य में भी चुनौती बने रह सकते हैं। इसलिए बेहतर चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन बेहद जरूरी है।
दिनभर की अन्य प्रमुख बातें
* नेपाल बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए राहत अभियान तेज किया गया।
* भारत सरकार ने नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही।
* परिसीमन मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी बढ़ी।
* सीमावर्ती राज्यों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई।
नेपाल की प्राकृतिक आपदा और भारत में परिसीमन की राजनीतिक बहस ने गुरुवार को देश और दुनिया की सुर्खियां बटोरीं। जहां एक ओर पड़ोसी देश में राहत और बचाव सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर भारत में संवैधानिक मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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