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नेपाल त्रासदी में बढ़ी चिंता सैकड़ों भारतीय अब भी लापता

Ratna Netam
28 Aug 2026 5:19 PM IST
नेपाल त्रासदी में बढ़ी चिंता सैकड़ों भारतीय अब भी लापता
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नेपाल : आई विनाशकारी बाढ़ और ग्लेशियल आपदा ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक **547 लोगों की मौत** हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में फंसे या संपर्क से बाहर हुए **320 भारतीय नागरिकों** की तलाश जारी है। वहीं राहत भरी खबर यह है कि नेपाल के काठमांडू से **21 भारतीय नागरिक सुरक्षित दिल्ली पहुंच गए हैं।
नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग बह गए हैं, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं। सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं।
भारतीय नागरिकों की तलाश तेज
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए भारतीय दूतावास लगातार नेपाली अधिकारियों के संपर्क में है। इनमें पर्यटक, तीर्थयात्री और नेपाल में काम करने वाले लोग शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित निकालकर पहले काठमांडू लाया गया, जहां उनकी स्थिति की जानकारी लेने के बाद उन्हें भारत भेजा गया। अब ये लोग दिल्ली पहुंच चुके हैं।
इसके अलावा कई अन्य भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन और नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं।
ग्लेशियल झील से बढ़ा खतरा
नेपाल और चीन सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने और उससे बनी झील के कारण बाढ़ का खतरा और बढ़ गया था। अचानक पानी का बहाव बढ़ने से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। बचाव अभियान को कुछ समय के लिए प्रभावित क्षेत्रों में रोकना पड़ा, लेकिन खतरा कम होने के बाद फिर से अभियान शुरू किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान और ग्लेशियरों में बदलाव के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
हजारों लोग प्रभावित
बाढ़ से नेपाल के कई जिले प्रभावित हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कई परिवार अपने रिश्तेदारों की तलाश में राहत शिविरों और अस्पतालों के बाहर इंतजार कर रहे हैं।
काठमांडू समेत कई स्थानों पर प्रशासन ने लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। अस्पतालों और राहत केंद्रों में लोगों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि परिजनों को सही जानकारी मिल सके।
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
भारत सरकार नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में लगातार सहयोग कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नेतृत्व से संपर्क कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। भारत की ओर से राहत सामग्री और जरूरी सहायता भेजी जा रही है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी नेपाल में चल रहे राहत अभियान की समीक्षा की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
अभी भी चुनौतीपूर्ण हालात
हालांकि कई लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण बचाव दलों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में मृतकों और लापता लोगों की संख्या को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
नेपाल की इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। प्राकृतिक आपदा के बीच भारत और अन्य पड़ोसी देश राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं, जबकि प्रभावित परिवार अपने प्रियजनों की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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