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चीन की यात्रा को लेकर अमेरिका में चिंता, हिरासत के खतरे पर सांसद ने दी चेतावनी

Ratna Netam
2 Nov 2026 6:31 PM IST
चीन की यात्रा को लेकर अमेरिका में चिंता, हिरासत के खतरे पर सांसद ने दी चेतावनी
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वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच संबंधों में एक बार फिर नागरिक सुरक्षा और यात्रा संबंधी चेतावनियों का मुद्दा चर्चा में आ गया है। एक अमेरिकी सांसद ने चीन की यात्रा करने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी का स्तर बढ़ाने की मांग की है। सांसद ने आशंका जताई है कि चीन में अमेरिकी नागरिकों को गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने का जोखिम हो सकता है।सांसद ने अमेरिकी विदेश विभाग से आग्रह किया है कि चीन की यात्रा से जुड़े जोखिमों की नए सिरे से समीक्षा की जाए और नागरिकों को संभावित खतरों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।यात्रा चेतावनी का स्तर बढ़ाने की मांग का अर्थ यह नहीं है कि अमेरिकी सरकार ने चीन की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है। अंतिम निर्णय अमेरिकी विदेश विभाग को अपने सुरक्षा आकलन के आधार पर लेना होता है।
अमेरिकी सांसद यंग किम ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो को लिखा पत्र
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य यंग किम ने 29 अक्टूबर 2026 को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर चीन की यात्रा चेतावनी को लेवल-2 से बढ़ाकर लेवल-3 करने का आग्रह किया।यंग किम कैलिफोर्निया से रिपब्लिकन सांसद हैं और प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति की पूर्वी एशिया एवं प्रशांत उपसमिति की अध्यक्ष हैं।उनका कहना है कि चीन में अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिए जाने के जोखिम को मौजूदा चेतावनी पर्याप्त गंभीरता से नहीं दर्शाती।किम ने आरोप लगाया कि चीनी सरकार अमेरिकी नागरिकों की हिरासत का इस्तेमाल राजनयिक दबाव बनाने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि चीन जाने की योजना बना रहे अमेरिकियों को संभावित जोखिमों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
लेवल-2 से लेवल-3 करने की मांग क्यों?
अमेरिकी विदेश विभाग की यात्रा चेतावनी प्रणाली में चार स्तर निर्धारित हैं।लेवल-1 सामान्य सावधानी बरतने की सलाह देता है। लेवल-2 का अर्थ अतिरिक्त सतर्कता बरतना है। लेवल-3 में नागरिकों को यात्रा करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी जाती है, जबकि लेवल-4 में यात्रा न करने की चेतावनी होती है।फिलहाल चीन के लिए लेवल-2 की चेतावनी लागू है।यंग किम का तर्क है कि चीन में जोखिम का स्वरूप उन देशों से अलग है, जहां मुख्य खतरा अपराध या गैर-सरकारी समूहों से होता है। उनके अनुसार, चीन में चिंता का प्रमुख कारण सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर उठने वाले सवाल हैं।उन्होंने कहा कि इस परिस्थिति को देखते हुए लेवल-3 अधिक उपयुक्त होगा।
19 अक्टूबर को अमेरिका ने जोड़ी थी नई चेतावनी
अमेरिकी विदेश विभाग ने 19 अक्टूबर 2026 को चीन के लिए जारी ट्रैवल एडवाइजरी में महत्वपूर्ण बदलाव किया था।विभाग ने चेतावनी में 'D' संकेतक जोड़ा, जिसका अर्थ है गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने का जोखिम।हालांकि, उस समय चीन की समग्र यात्रा चेतावनी का स्तर नहीं बढ़ाया गया था और उसे लेवल-2 पर ही रखा गया।विदेश विभाग ने कहा कि चीन में स्थानीय कानूनों का मनमाने तरीके से इस्तेमाल, देश छोड़ने पर प्रतिबंध और गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने का खतरा अमेरिकी नागरिकों के लिए चिंता का विषय है।इसी बदलाव के बाद सांसद यंग किम ने चेतावनी को और सख्त बनाने की मांग उठाई।
दो अमेरिकी नागरिकों की हिरासत का मामला
यंग किम ने अपने पत्र में मिन जिन और डॉ. यूलिन चेन के मामलों का विशेष उल्लेख किया है।अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मिन जिन को 3 जून 2026 को चीन के युन्नान प्रांत में हिरासत में लिया गया था। वे एक शैक्षणिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन गए थे।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अगस्त में उनकी हिरासत को गलत तरीके से की गई हिरासत के रूप में निर्धारित किया था।वहीं, डॉ. यूलिन चेन भी चीन में हिरासत में हैं। अमेरिका ने दोनों नागरिकों की रिहाई की मांग की है।सांसद किम चाहती हैं कि इन मामलों का उल्लेख यात्रा चेतावनी की वेबसाइट पर भी किया जाए, ताकि संभावित यात्रियों को जोखिम के ठोस उदाहरणों की जानकारी मिल सके।
चीन में एग्जिट बैन को लेकर भी चिंता
अमेरिकी विदेश विभाग की चेतावनी में चीन में लागू किए जाने वाले 'एग्जिट बैन' का भी उल्लेख है।एग्जिट बैन ऐसी पाबंदी है, जिसके तहत किसी व्यक्ति को देश छोड़ने से रोका जा सकता है।अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कुछ मामलों में विदेशी नागरिकों को चीन छोड़ने की अनुमति नहीं मिलती और उन्हें इस प्रतिबंध की जानकारी हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद होती है।विदेश विभाग का कहना है कि व्यापारिक विवाद, जांच या पारिवारिक मामलों में भी ऐसी पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।अमेरिकी सरकार ने यह भी चेताया है कि कुछ मामलों में प्रभावित नागरिकों को अमेरिकी राजनयिक अधिकारियों से नियमित संपर्क की सुविधा नहीं मिल पाती।ये अमेरिकी विदेश विभाग के आधिकारिक आकलन हैं। चीन की ओर से इन आरोपों पर अलग दृष्टिकोण रहा है।
अमेरिकी संसद में पहले भी उठ चुका है मुद्दा
चीन में अमेरिकी नागरिकों की हिरासत को लेकर चिंता केवल यंग किम तक सीमित नहीं है।सितंबर 2026 में अमेरिकी सीनेट में एक प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसमें चीन में हिरासत में रखे गए अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता देने की मांग की गई।प्रस्ताव में विदेश मंत्री से सभी उपलब्ध राजनयिक साधनों का इस्तेमाल करने और चीन की यात्रा चेतावनी को लेवल-3 तक बढ़ाने पर विचार करने का आग्रह किया गया।इससे स्पष्ट है कि अमेरिकी संसद के विभिन्न सदस्यों के बीच चीन में नागरिक सुरक्षा को लेकर चर्चा जारी है।
अमेरिका-चीन संबंधों पर संभावित असर
अमेरिका और चीन दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में व्यापक संपर्क हैं।ऐसे में यात्रा चेतावनी का स्तर बढ़ने से पर्यटन, कारोबारी यात्राओं और शैक्षणिक आदान-प्रदान से जुड़े फैसलों पर असर पड़ सकता है।हालांकि, लेवल-3 की चेतावनी अपने आप यात्रा प्रतिबंध नहीं होती। यह अमेरिकी नागरिकों को जोखिम का आकलन कर यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह देती है।
अंतिम फैसला अमेरिकी विदेश विभाग के हाथ में
यंग किम की मांग के बावजूद 2 नवंबर 2026 तक चीन की यात्रा चेतावनी लेवल-2 पर बनी हुई है।अब यह अमेरिकी विदेश विभाग को तय करना है कि उपलब्ध सुरक्षा आकलन और हिरासत संबंधी मामलों के आधार पर चेतावनी का स्तर बढ़ाने की आवश्यकता है या नहीं।फिलहाल चीन जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय कानूनों, यात्रा दस्तावेजों और संभावित कानूनी जोखिमों के बारे में आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
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