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गोवा तट पर कोस्ट गार्ड का रेस्क्यू जहाज से नाविक को बचाया

Ratna Netam
30 Sept 2026 7:20 PM IST
गोवा तट पर कोस्ट गार्ड का रेस्क्यू जहाज से नाविक को बचाया
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गोवा। इंडियन कोस्ट गार्ड ने गोवा तट के पास समुद्र में एक मेडिकल इमरजेंसी के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए पनामा के झंडे वाले मर्चेंट जहाज HT Unite से 26 वर्षीय भारतीय नाविक को सुरक्षित बाहर निकाला। यह मेडिकल इवैक्यूएशन ऑपरेशन मंगलवार, 29 सितंबर को किया गया। अभियान में इंडियन कोस्ट गार्ड के जहाज ‘अक्षय’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और मरीज को सुरक्षित निकालने के बाद तत्काल आगे के इलाज के लिए भेजा गया।
इंडियन कोस्ट गार्ड ने इस बचाव अभियान की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए साझा की। कोस्ट गार्ड ने बताया कि गोवा तट के पास मौजूद पनामा-फ्लैग्ड मर्चेंट वेसल HT Unite पर एक 26 वर्षीय भारतीय नागरिक को मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही इंडियन कोस्ट गार्ड के गोवा स्थित जिला मुख्यालय ने संबंधित इकाइयों के साथ तालमेल स्थापित किया। इसके बाद इंडियन कोस्ट गार्ड शिप ‘अक्षय’ को मरीज की मदद के लिए भेजा गया। जहाज ने समुद्र में निर्धारित स्थान की ओर तेजी से बढ़ते हुए HT Unite से संपर्क स्थापित किया।
कोस्ट गार्ड की टीम ने सभी जरूरी सुरक्षा उपायों के बीच मेडिकल इवैक्यूएशन की प्रक्रिया पूरी की। मरीज को मर्चेंट जहाज से सुरक्षित तरीके से कोस्ट गार्ड के जहाज पर लाया गया। इसके बाद उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और आगे के उपचार की व्यवस्था की गई।
इंडियन कोस्ट गार्ड ने अभियान को तेज प्रतिक्रिया और सटीक कार्रवाई का उदाहरण बताया। समुद्र में किसी जहाज पर मेडिकल इमरजेंसी होने की स्थिति में मरीज को सुरक्षित निकालना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। मौसम, समुद्र की लहरें, दोनों जहाजों की स्थिति और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरे ऑपरेशन की योजना बनानी पड़ती है।
HT Unite एक कार्गो जहाज है और उपलब्ध पोत विवरण के मुताबिक यह पनामा के झंडे के तहत संचालित होता है। इसका IMO नंबर 9528536 है। जहाज की हालिया AIS जानकारी में भी इसे सितंबर के अंतिम सप्ताह में भारतीय समुद्री क्षेत्र से गुजरते हुए दर्ज किया गया था।
मेडिकल इमरजेंसी का अलर्ट मिलने के बाद गोवा स्थित कोस्ट गार्ड अधिकारियों ने समय गंवाए बिना ऑपरेशन शुरू किया। ऐसे मामलों में मरीज की हालत के साथ दूरी और जहाज की गति भी महत्वपूर्ण होती है। कोस्ट गार्ड के जहाज को मर्चेंट वेसल तक पहुंचाने और मरीज के सुरक्षित ट्रांसफर के लिए दोनों जहाजों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा गया।
इंडियन कोस्ट गार्ड की ओर से कहा गया कि मरीज को सफलतापूर्वक बाहर निकालने के बाद तत्काल मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भेज दिया गया। हालांकि उसकी बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी की प्रकृति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
समुद्र में काम करने वाले नाविकों के लिए इस तरह की मेडिकल इमरजेंसी में तटीय सहायता तक पहुंचना आसान नहीं होता। जहाज अगर तट से काफी दूरी पर हो तो मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में समय लग सकता है। ऐसे में कोस्ट गार्ड के जहाज या हेलिकॉप्टर की मदद से मेडिकल इवैक्यूएशन किया जाता है।
इंडियन कोस्ट गार्ड समुद्र में सर्च एंड रेस्क्यू और मेडिकल इवैक्यूएशन के अभियान नियमित रूप से करता रहा है। इससे पहले भी समुद्री क्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार या घायल नाविकों और मछुआरों को अलग-अलग जहाजों और हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाला गया है। कोस्ट गार्ड के पुराने रिकॉर्ड में भी समुद्र में मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को जहाजों से निकालकर तटीय चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने के कई अभियान दर्ज हैं।
इस तरह के ऑपरेशन में समुद्री बचाव टीम को मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तेजी और सावधानी दोनों के साथ काम करना पड़ता है। किसी एक जहाज से दूसरे जहाज पर व्यक्ति को स्थानांतरित करना सामान्य स्थिति में भी आसान नहीं होता। अगर समुद्र में लहरें तेज हों तो चुनौती और बढ़ जाती है।
मेडिकल इवैक्यूएशन के दौरान कोस्ट गार्ड की टीम मरीज को सुरक्षित निकालने के साथ यह भी सुनिश्चित करती है कि उसे रास्ते में आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा और निगरानी मिलती रहे। इसके बाद तट पर पहुंचते ही स्थानीय मेडिकल एजेंसियों या जहाज के एजेंट की मदद से उसे अस्पताल भेजा जाता है।
29 सितंबर के ऑपरेशन में भी गोवा स्थित कोस्ट गार्ड जिला मुख्यालय और ICG शिप ‘अक्षय’ के बीच तालमेल को अभियान की सफलता का अहम हिस्सा बताया गया। इमरजेंसी कॉल मिलने से लेकर मरीज को सुरक्षित बाहर निकालने तक पूरी कार्रवाई तेजी से की गई।
इंडियन कोस्ट गार्ड ने इस ऑपरेशन को समुद्र में लोगों की जान बचाने और जरूरत के समय तुरंत सहायता पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। संगठन का कहना है कि समुद्री क्षेत्र में मौजूद भारतीय और विदेशी जहाजों से किसी मेडिकल इमरजेंसी की सूचना मिलने पर उपलब्ध संसाधनों के जरिए जल्द से जल्द मदद पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
गोवा का समुद्री क्षेत्र व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के करीब है। यहां से बड़ी संख्या में कार्गो और अन्य वाणिज्यिक जहाज गुजरते हैं। इस कारण गोवा स्थित कोस्ट गार्ड इकाइयां समुद्री सुरक्षा, निगरानी, बचाव और आपातकालीन सहायता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मंगलवार को हुए इस अभियान में समय पर मिली सूचना और तेज प्रतिक्रिया के कारण 26 वर्षीय भारतीय नाविक को सुरक्षित निकाल लिया गया। मरीज को आगे के इलाज के लिए भेजे जाने के साथ ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि खुले समुद्र में मेडिकल इमरजेंसी के दौरान त्वरित समुद्री बचाव व्यवस्था कितनी महत्वपूर्ण होती है।
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