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होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

Ratna Netam
30 Oct 2026 8:34 PM IST
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा
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तेहरान : 30 अक्टूबर 2026। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक दुश्मन समुद्री वाहन को नष्ट करने और दो तेल टैंकरों के क्षतिग्रस्त होने का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में एक संदिग्ध मानवरहित समुद्री वाहन को निशाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त दो तेल टैंकर प्रतिबंधित समुद्री क्षेत्र से गुजरते समय बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गए, जिससे उनमें आग लग गई। ईरान ने इन घटनाओं को समुद्री सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जोड़ा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों के अनुसार, नौसेना के जनसंपर्क विभाग ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी क्षेत्र में एक दुश्मन समुद्री वाहन संदिग्ध गतिविधियां कर रहा था। नौसेना ने उसे अपने निगरानी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए नष्ट करने का दावा किया।
इस घटना को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में अंतर सामने आया है। कुछ समाचार रिपोर्टों में नष्ट किए गए वाहन को दुश्मन की पनडुब्बी बताया गया है, जबकि ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी अनादोलु ने इसे मानवरहित समुद्री वाहन बताया है। अभी तक वाहन की वास्तविक पहचान और उसे संचालित करने वाले देश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।ईरानी नौसेना ने अपने बयान में कहा कि उसके नियंत्रण और निगरानी वाले समुद्री क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि का जवाब दिया जाएगा। नौसेना ने चेतावनी दी कि प्रतिबंधित जलक्षेत्र में घुसपैठ या उकसावे वाली कार्रवाई करने वाले जहाजों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।इसी बीच दो तेल टैंकरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भी सामने आई है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि दोनों जहाजों ने अपने नेविगेशन और ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिए थे। इसके बाद वे ऐसे समुद्री मार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहे थे, जिसे ईरान ने असुरक्षित और प्रतिबंधित घोषित किया था।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसैनिक इकाई के अनुसार, जहाजों को रेडियो के माध्यम से कई बार चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद दोनों टैंकर आगे बढ़ते रहे। ईरान का दावा है कि असुरक्षित क्षेत्र में पहुंचने के बाद जहाजों को नुकसान हुआ और उनमें आग लग गई। बाद में उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी जलक्षेत्र में रुकना पड़ा।ईरानी अधिकारियों ने इन घटनाओं के लिए जहाज संचालकों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि समुद्री सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण टैंकर दुर्घटना का शिकार हुए। हालांकि, दोनों तेल टैंकरों की पहचान, उनके पंजीकरण वाले देश, चालक दल के सदस्यों और नुकसान की वास्तविक स्थिति के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में अमेरिकी मानवरहित समुद्री वाहन को नष्ट करने का दावा भी किया है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से तत्काल इसकी पुष्टि नहीं की गई थी। रॉयटर्स ने भी स्पष्ट किया कि ईरान के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, इराक और अन्य खाड़ी देशों से निर्यात होने वाले तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।
इस समुद्री रास्ते पर किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता का विषय बन सकता है। यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से तेल परिवहन, समुद्री बीमा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लागत बढ़ने का जोखिम रहता है।विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जैसे संकरे समुद्री मार्ग पर बारूदी सुरंगों की मौजूदगी विशेष चिंता का विषय है। समुद्री सुरंगें बड़े तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा किसी तेल टैंकर में आग लगने या विस्फोट होने की स्थिति में समुद्री पर्यावरण पर भी असर पड़ सकता है।इससे पहले अक्टूबर में भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों के बारूदी सुरंगों से टकराने की घटनाओं के बारे में ईरान ने कई दावे किए थे। 18 अक्टूबर को ईरानी अधिकारियों ने दो तेल टैंकरों में आग लगने की जानकारी दी थी। इसके बाद 23 अक्टूबर को भी दो बड़े तेल टैंकरों के क्षतिग्रस्त होने का दावा सामने आया था। इन घटनाओं के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा को और संवेदनशील बना दिया है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में सैन्य टकराव बढ़ा था। इसके बाद युद्धविराम और समुद्री आवाजाही को लेकर बातचीत के प्रयास हुए, लेकिन विभिन्न सुरक्षा मुद्दों पर मतभेद बने रहे।जून में होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही से संबंधित एक समझौता ज्ञापन की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इसके क्रियान्वयन को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच विवाद जारी रहा। ईरान ने क्षेत्र में अपने सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई हैं।समुद्री सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को एक अन्य घटना की जानकारी भी सामने आई। रॉयटर्स के अनुसार, गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर चिपकने वाली बारूदी सुरंगों से हमला हुआ था। इस घटना में जहाज के इंजन कक्ष में आग लग गई थी, लेकिन चालक दल सुरक्षित रहा। आग बुझाने के बाद जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा। हालांकि, उस हमले के लिए जिम्मेदार पक्ष की पुष्टि नहीं हुई थी।
ईरानी नौसेना ने ताजा बयान में कहा कि वह अपने नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्रों में निगरानी जारी रखेगी। अधिकारियों ने जहाज संचालकों को जारी चेतावनियों और निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन करने की सलाह दी है।फिलहाल नष्ट किए जाने का दावा किए गए समुद्री वाहन की पहचान और दोनों तेल टैंकरों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह भी पुष्टि नहीं हुई है कि जहाजों में आग लगने से कोई व्यक्ति घायल हुआ है या नहीं।होर्मुज जलडमरूमध्य में सामने आई इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब अमेरिका, ईरान और संबंधित समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की आगामी प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है।
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