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आज शाम को धरती पर गिरने वाला है चीनी रॉकेट का मलबा, जानें क्या है खतरा

Neha Dani
30 July 2022 6:16 AM GMT
आज शाम को धरती पर गिरने वाला है चीनी रॉकेट का मलबा, जानें क्या है खतरा
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रॉकेट के अनियंत्रित होकर धरती में फिर से प्रवेश करने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत हताहत जोखिम सीमा 10000 में 1 है।

बीजिंग: चीन का लॉन्ग मार्च 5 बी रॉकेट का मलबा शनिवार शाम को पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाला है। इस मलबे पर चीन ने करीबी निगाह बनाए रखी है। चीन का कहना है कि इस बार रिस्क थोड़ा अधिक है। हालांकि, मलबे का अधिकतर हिस्सा पहले ही वायुमंडल के घर्षण से जलकर राख हो जाएगा। 25-टन वजनी यह रॉकेट 24 जुलाई को चीन के अधूरे तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन को वेंटियन प्रयोगशाला केबिन मॉड्यूल को पहुंचाने के लिए लॉन्च किया गया था। वैज्ञानिकों ने बताया है कि इस रॉकेट का मलबा 30 जुलाई को शाम 7:24 बजे पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेगा। इस मलबे का कुछ हिस्सा रविवार सुबह भी दिखाई देगा।



रॉकेट गिरने के सटीक जगह का पता नहीं
अमेरिकी रिसर्च सेंटर द एयरोस्पेस कॉरपोरेशन के सेंटर फॉर ऑर्बिटल एंड रीएंट्री डॉबरीज स्टडीज के वैज्ञानिकों ने बताया है कि करीब 16 घंटे तक इस रॉकेट का मलबा धरती के वायुमंडल में दिखााई देता रहेगा। अभी तक यह पता नहीं है कि चीनी रॉकेट धरती के किस जगह पर गिरने वाला है। मलबे के गिरने वाले संभावित इलाकों में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, ब्राजील और दक्षिण पूर्व एशिया शामिल हैं। रॉकेट का पहला चरण यानी उसका बूस्टर, आमतौर पर सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली पार्ट होता है। आमतौर पर रॉकेट बूस्टर को ऐसे समय पर मेन रॉकेट से अलग किया जाता कि वह प्रक्षेपवक्र बनाता हुए समुद्र में बिना किसी को नुकसान पहुंचाए गिर जाए। लेकिन, चीन के लॉन्ग मार्च 5B का बूस्टर इंजन अलग तरीके का है।

दो साल मे तीसरी बार गिर रहा है चीनी रॉकेट
दो साल में यह तीसरी बार है जब चीन का कोई रॉकेट अनियंत्रित होकर धरती पर गिर रहा है। पहली घटना मई 2020 में घटी थी। तब अफ्रीकी देश आइवरी कोस्ट के गांवों में कथित तौर पर धातुओं की बारिश हुई थी, हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। दूसरी घटना मई 2021 में में हुई थी, तब चीनी रॉकेट का मलबा हिंद महासागर में बिना किसी को नुकसान पहुंचाए गिर गया था। लेकिन, बाकी के दो रॉकेट की तुलना में लॉन्ग मार्च 5B बूस्टर काफी बड़ा है। अपनी अनियंत्रित रीएंट्री के दौरान बड़े आकार के कारण यह वायुमंडल के घर्षण से पूरी तरह जल नहीं पाएगा। ऐसे में इसके बड़े टुकड़े के धरती के किसी भी हिस्से में गिरने की संभावना ज्यादा है।


रॉकेट का 20 से 40 फीसदी हिस्सा जमीन पर गिरेगा
एयरोस्पेस कॉरपोरेशन के अंतरिक्ष मलबा के विशेषज्ञ मार्लन सोरगे ने कहा कि चीन के लॉन्ग मार्च 5B बूस्टर का 20 से 40 फीसदी हिस्सा जमीन पर पहुंच जाएगा। हालांकि, इसकी सटीक मात्रा वस्तु की बनावट पर भी निर्भर करती है। आमतौर पर हम देखते हैं कि रॉकेट के अंतिम स्टेज में फ्यूल टैंक काफी छोटा होता है, लेकिन इंजन का हिस्सा बड़ा होता है। ऐसे में रॉकेट का इंजन और उसका टैंक एक साथ धरती की कक्षा में प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में जो भी वस्तु जलेगी नहीं, वह काफी तेज रफ्तार से धरती पर गिरेगी।

रॉकेट के मलबे से कितना खतरा
द एयरोस्पेस कॉरपोरेशन के अनुसार, दुनिया की 88% से अधिक आबादी रॉकेट के ऑर्बिटल फुटप्रिंट के नीचे स्थित है। ऐसे में वायुमंडल में जलने से बच कए कुछ मलबे आबादी वाले इलाकों में भी गिर सकते हैं। लेकिन, इस मलबे से किसी को नुकसान पहुंचाने की संभावना 1,000 में 1 से लेकर 230 में 1 तक है। किसी व्यक्ति के ऊपर मलबा गिरने की संभावना बिजली गिरने की तुलना में लगभग 80,000 गुना कम है। अमेरिकी सरकार के ऑर्बिटल डॉबरीज मिटिगेशन स्टैंडर्ड प्रैक्टिसेज की 2019 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, किसी रॉकेट के अनियंत्रित होकर धरती में फिर से प्रवेश करने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत हताहत जोखिम सीमा 10000 में 1 है।

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