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चीन की कथित जासूसी साजिश से अमेरिका में हलचल, ट्रंप ने दिए जांच के संकेत

Ratna Netam
2 Nov 2026 3:56 PM IST
चीन की कथित जासूसी साजिश से अमेरिका में हलचल, ट्रंप ने दिए जांच के संकेत
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वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी वर्चस्व को लेकर जारी प्रतिस्पर्धा के बीच एक नई जासूसी रिपोर्ट ने वॉशिंगटन के राजनीतिक और तकनीकी गलियारों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की प्रमुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग को लेकर सावधानी भरा रुख अपनाया है। चीन से जुड़ी कथित जासूसी गतिविधियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच कराएंगे। उन्होंने हुआंग की प्रशंसा तो की, लेकिन भविष्य में उन्हें तकनीकी सलाहकार बनाए रखने के सवाल पर पूरी तरह निश्चित जवाब नहीं दिया।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को संदेह था कि चीन से जुड़ी एक कारोबारी महिला एनवीडिया के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में रहकर संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रही थी। इस खुलासे ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक और चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप ने कहा, मामले की बारीकी से होगी जांच
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फ्लोरिडा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान जेन्सेन हुआंग की प्रशंसा की। उन्होंने हुआंग को प्रतिभाशाली व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं।हालांकि, जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या वह हुआंग को भविष्य में भी अपने सलाहकार के रूप में बनाए रखना चाहेंगे, तो ट्रंप ने कहा कि वह ऐसा करना चाहेंगे, जब तक कोई विपरीत जानकारी सामने नहीं आती।ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि मामला बेहद जटिल है। उन्होंने कहा कि उन्हें कथित जासूसी मामले की विशेष जानकारी नहीं थी और अमेरिकी अधिकारी इसकी बारीकी से जांच करेंगे। उनके इस बयान को हुआंग के प्रति समर्थन के साथ सतर्कता बरतने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
चीनी महिला कारोबारी के संपर्कों पर उठे सवाल
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को संदेह था कि सिंगापुर स्थित डेटा सेंटर कंपनी मेगास्पीड (Megaspeed) से जुड़ी एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एलिस हुआंग चीन को सूचनाएं पहुंचा रही थीं।एलिस हुआंग को हुआंग ले के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग के साथ कारोबारी संपर्क थे। अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि इन संपर्कों के जरिए चीन को अमेरिकी तकनीकी कंपनियों और सरकारी नीतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती थी।हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कथित तौर पर चीन को कौन-सी जानकारियां दी गई थीं। रिपोर्ट में ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे साबित हो कि जेन्सेन हुआंग ने जानबूझकर चीन को गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराई या उन्हें कथित जासूसी गतिविधियों की जानकारी थी।
एक साल पहले ट्रंप को दी गई थी जानकारी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने करीब एक साल पहले राष्ट्रपति ट्रंप को इस मामले की जानकारी दी थी। उस समय अधिकारियों का प्रारंभिक आकलन था कि जेन्सेन हुआंग को एलिस हुआंग की कथित गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।बताया गया कि उस समय ट्रंप प्रशासन ने कोई सार्वजनिक कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट में इसके पीछे अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों तथा एनवीडिया के कारोबार से जुड़े संभावित प्रभावों का उल्लेख किया गया है।हालांकि, इन परिस्थितियों में ट्रंप प्रशासन के फैसले के वास्तविक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एनवीडिया ने आरोपों को किया खारिज
इस विवाद के बीच एनवीडिया ने अपने सीईओ का बचाव किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि जेन्सेन हुआंग हर साल हजारों ग्राहकों और कारोबारी अधिकारियों से मुलाकात करते हैं। एलिस हुआंग के साथ उनकी बातचीत भी सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों का हिस्सा थी।कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके क्षेत्रीय क्लाउड ग्राहकों को सामान्य कारोबारी जानकारियां दी जाती हैं, न कि संवेदनशील व्यापारिक रहस्य या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सूचनाएं।एनवीडिया ने मेगास्पीड के जरिए चीन को प्रतिबंधित चिप भेजे जाने के आरोपों को भी खारिज किया है। कंपनी के अनुसार, उसने इस संबंध में जांच की थी और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।जेन्सेन हुआंग ने भी मेगास्पीड के साथ कंपनी के कारोबारी संबंधों को सामान्य बताया है।
चीन ने अमेरिकी आरोपों को बताया निराधार
इस पूरे मामले पर चीन की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने जासूसी संबंधी रिपोर्ट को निराधार अटकलों पर आधारित बताते हुए आरोपों को खारिज किया।चीन का कहना है कि इस तरह की रिपोर्टों के जरिए उसकी छवि खरब करने की कोशिश की जा रही है।अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही उन्नत सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक तकनीकों को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी है। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए चीन को कुछ उन्नत एआई चिप के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं।
एआई तकनीक को लेकर अमेरिका और चीन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
एनवीडिया दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण एआई चिप निर्माता कंपनियों में शामिल है। उसके ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी GPU का उपयोग बड़े एआई मॉडल तैयार करने, डेटा सेंटर चलाने और अत्याधुनिक कंप्यूटिंग प्रणालियों में किया जाता है।जेन्सेन हुआंग अमेरिकी प्रशासन के साथ एआई नीति को लेकर लगातार संवाद करते रहे हैं। उन्होंने चीन के बाजार में अमेरिकी चिप की बिक्री के पक्ष में भी अपनी बात रखी है।यही कारण है कि कथित जासूसी मामले का महत्व केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है। यह अमेरिकी तकनीकी नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से भी जुड़ा हुआ है।फिलहाल ट्रंप प्रशासन ने मामले की गंभीरता से जांच करने की बात कही है। दूसरी ओर एनवीडिया और चीन ने आरोपों को खारिज किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में कोई ठोस साक्ष्य सामने आता है या नहीं और इस विवाद का अमेरिका की एआई नीति तथा एनवीडिया के कारोबारी संबंधों पर क्या असर पड़ता है।
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