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चीन अपने सैनिकों के लिए ग्राफीन के कपड़े और ड्रोन खरीदने की तैयारी में...सीमा पर विवाद जारी

Kunti Dhruw
2 Nov 2020 3:13 PM GMT
चीन अपने सैनिकों के लिए ग्राफीन के कपड़े और ड्रोन खरीदने की तैयारी में...सीमा पर विवाद जारी
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 चीन अपने सैनिकों के लिए ग्राफीन के कपड़े और ड्रोन खरीदने की तैयारी में...सीमा पर विवाद जारी 

भारत के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच चीन इन इलाकों में अपनी सैन्य क्षमताएं लगातार बढ़ा रहा है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | भारत के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच चीन इन इलाकों में अपनी सैन्य क्षमताएं लगातार बढ़ा रहा है। चीनी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन ने भारत के साथ सीमा क्षेत्रों में अधिक ऊंचाई के इलाकों में तैनात अपने सैनिकों के लिए ग्राफीन के कपड़े और आधुनिक मानव रहित हथियारों की आपूर्ति के लिए करीब दो दर्जन निजी कंपनियों का चयन किया है।

अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और बहुत कम तापमान वाले इलाकों में तैनात अपने सैनिकों के लिए चीन ग्राफीन के बने स्मार्ट गर्म कपड़े खरीदने की योजना बना रहा है। ग्राफीन, कार्बन का एक स्वरूप है। साल 2010 में ग्राफीन की खोज के लिए वैज्ञानिकों आंद्रा गीम और कॉन्सटैंटीन नोवोसेलोव को प्रतिष्ठित फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

इसके साथ ही चीन सशस्त्र बलों के लिए आधुनिक रसद (लॉजिस्टिक) सहायक उपकरण लाने की तैयारी में है। इनमें पोर्टेबल सोलर चार्जर, ऑक्सीजनेटर और एक बहुउद्देश्यीय भोजन वाहन आदि शामिल हैं। चीन के ये कदम इशारा करते हैं कि वह अपनी सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए इसे सार्वजनिक क्षेत्र में मौजूद तकनीकी से जोड़ना चाहता है।

चीन ने जिन निजी कंपनियों को चुना है, उनमें से कुछ दक्षिण चीन में हैं और ड्रोन टेक्नोलॉजी में दक्ष हैं। ये कंपनियां मानवरहित वाहनों का निर्माण करने के लिए जानी जाती हैं जो अधिक ऊंचाई पर भी काम कर सकते हैं। हालांकि, चीन की सेना द्वारा उन कंपनियों के नामों का उल्लेख करना दुर्लभ है, जिनसे वह सैन्य उपकरण खरीदने की योजना बना रही है।

ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तिब्बत कमांड ने 22 निजी शस्त्र कंपनियों को न्योता दिया था और उनके उत्पादों की समीक्षा के लिए बैठक की थी। इस बैठक में ऐसे हथियारों और उपकरणों की समीक्षा की गई जो पठार युद्ध और सीमा रक्षा के लिए इस्तेमाल करने के लिए बेहतर और प्रभावी साबित हो सकते हैं।

2027 तक पीएलए को अमेरिकी सेना की तर्ज पर तैयार करेगा चीन

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के हाल ही में संपन्न हुए एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में अमेरिका की तर्ज पर 2027 तक एक पूरी तरह आधुनिक सेना के निर्माण की योजना को अंतिम रूप दिया गया। सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने शनिवार को चीनी विश्लेषकों के हवाले से कहा कि पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की स्थापना के सौ वर्ष 2027 में पूरे होंगे और चीन तब तक एक पूरी तरह आधुनिक सेना का निर्माण करेगा।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार यह लक्ष्य राष्ट्रीय क्षमता के अनुरूप है और भविष्य की राष्ट्रीय रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में सत्तारूढ़ सीपीसी के पूर्ण सत्र में राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए 14वीं पंचवर्षीय योजना (2021-25) तथा '2035 तक के दीर्घकालिक लक्ष्यों ' को तय करने के उनके प्रस्तावों को अपनाया गया।

14वीं पंचवर्षीय योजना में चीन की निर्भरता सिकुड़ते निर्यात बाजार पर कम करने के लिहाज से खपत बढ़ाने के लिए देश के घरेलू बाजार को दुरुस्त करने का लक्ष्य है, वहीं 2035 के दृष्टिकोण में सेना समेत देश के विकास का खाका है। राजनीतिक रूप से शी के इस दृष्टिकोण से इन अटकलों को बल मिला है कि वह अगले 15 साल सत्ता में बने रह सकते हैं। माओ जेदांग के बाद शी (67) सीपीसी के सबसे शक्तिशाली नेता बनकर उभरे हैं।

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