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गूगल के एआई रहस्यों की चोरी से जुड़ा मामला, पांच चीनी संस्थाओं पर अमेरिकी प्रतिबंध

nidhi
20 Oct 2026 6:52 AM IST
गूगल के एआई रहस्यों की चोरी से जुड़ा मामला, पांच चीनी संस्थाओं पर अमेरिकी प्रतिबंध
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चोरी मामले में अमेरिका का एक्शन
वॉशिंगटन: अमेरिका ने गूगल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित गोपनीय तकनीकी जानकारी की चोरी से जुड़े मामले में चीन की पांच कंपनियों और निवेश संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार, 19 अक्टूबर को कार्रवाई की घोषणा की। यह कदम पूर्व गूगल सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनवेई डिंग से जुड़े प्रकरण में उठाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधित संस्थाओं ने व्यापारिक रहस्यों की चोरी से लाभ उठाया, उसे सहायता दी या संबंधित संस्थाओं के स्वामित्व अथवा नियंत्रण में काम किया।
तकनीक कंपनी के साथ निवेश संस्थाएं भी शामिल
प्रतिबंधों के दायरे में शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी और निवेश फर्म मिरेकलप्लस शामिल हैं। मिरेकलप्लस का औपचारिक नाम क्यूजी चुआंगतान बीजिंग इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड है। इसके अलावा बीजिंग क्यूजी चुआंगतान फेज-वन वेंचर कैपिटल सेंटर, फेज-टू वेंचर कैपिटल सेंटर और बीजिंग क्यूजी चुआंगतान झियुआन एंटरप्राइज मैनेजमेंट सेंटर पर कार्रवाई हुई है। इस तरह कार्रवाई केवल एआई तकनीक विकसित करने वाली कंपनी तक सीमित नहीं है। उसके साथ जुड़े निवेश और स्वामित्व ढांचे को भी प्रतिबंधों में शामिल किया गया है। अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने इन पांचों संस्थाओं को अपनी संबंधित प्रतिबंध सूची में जोड़ा है।
क्या है लिनवेई डिंग से जुड़ा मामला?
इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में लिनवेई डिंग के खिलाफ चला आपराधिक मुकदमा है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को की संघीय जूरी ने 29 जनवरी 2026 को डिंग को आर्थिक जासूसी के सात और व्यापारिक रहस्यों की चोरी के सात मामलों में दोषी पाया था। फैसला 11 दिन तक चली सुनवाई के बाद आया था। न्याय विभाग ने बताया था कि गूगल में नौकरी के दौरान डिंग ने कंपनी की गोपनीय एआई जानकारी अपने निजी क्लाउड खाते में अपलोड की। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, लगभग मई 2022 से अप्रैल 2023 के बीच दो हजार से अधिक पन्नों की जानकारी निकाली गई थी। इसलिए डिंग के मामले में स्थिति केवल आरोप लगाए जाने तक सीमित नहीं है; जूरी उसे दोषी ठहरा चुकी है।
किस तरह की जानकारी चुराई गई थी?
चोरी की गई जानकारी गूगल के बड़े एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने वाले कंप्यूटिंग ढांचे से संबंधित थी। इसमें विशेष चिप प्रणालियों, उनके बीच संचार कराने वाले सॉफ्टवेयर और हजारों चिप को एक सुपरकंप्यूटर की तरह संचालित करने वाली तकनीक का विवरण शामिल था। न्याय विभाग के मुताबिक, व्यापारिक रहस्यों में गूगल की टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट प्रणालियों से संबंधित जानकारी भी थी। यह मामला सामान्य सार्वजनिक एआई जानकारी के इस्तेमाल का नहीं, बल्कि कंपनी के आंतरिक और गोपनीय तकनीकी दस्तावेजों को निकालने से संबंधित था।
अपनी कंपनी के लिए निवेश जुटाने की कोशिश
विदेश विभाग के विवरण के अनुसार, डिंग ने वर्ष 2023 में चीन में शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी स्थापित की थी। कंपनी को ऐसी सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने में सक्षम बताया गया, जो मशीन लर्निंग और बड़े एआई मॉडल के प्रशिक्षण से जुड़े काम तेज कर सकती थी। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि डिंग ने मिरेकलप्लस के स्टार्टअप कार्यक्रम में आवेदन करते समय गूगल की तकनीक और आंतरिक प्रणालियों की अपनी जानकारी का उल्लेख किया। उसने गूगल के कंप्यूटिंग ढांचे जैसी तकनीक विकसित करने की क्षमता का दावा भी किया था। मिरेकलप्लस ने झिसुआन में हिस्सेदारी के बदले शुरुआती पूंजी लगाई थी।
किस कानून के तहत लगाए गए प्रतिबंध?
यह कार्रवाई ‘प्रोटेक्टिंग अमेरिकन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी एक्ट’ यानी पीएआईपीए के तहत हुई है। जनवरी 2023 में कानून बने इस प्रावधान के अंतर्गत अमेरिकी व्यापारिक रहस्यों की महत्वपूर्ण चोरी में शामिल विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं अथवा उससे लाभ उठाने वालों पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि संवेदनशील और उभरती तकनीकों के व्यापारिक रहस्यों की चोरी अमेरिकी आर्थिक, विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के लिए गंभीर खतरा है। विभाग ने कार्रवाई को अमेरिकी नवाचार और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा से जोड़ा है।
वित्तीय लेनदेन और निवेश पर पड़ेगा असर
घोषित प्रतिबंधों में अमेरिकी अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली संपत्ति और संपत्ति में हितों को अवरुद्ध करना शामिल है। संबंधित विदेशी मुद्रा लेनदेन, बैंकिंग भुगतान तथा शेयर और ऋण साधनों में महत्वपूर्ण निवेश पर भी रोक के प्रावधान लागू किए गए हैं। हालांकि, नियमों में अपवाद और अधिकृत लेनदेन की व्यवस्था भी है। अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने कार्रवाई के साथ दो सामान्य लाइसेंस जारी किए हैं। इनमें कुछ मौजूदा लेनदेन को समेटने की अनुमति से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इसलिए प्रतिबंधों के वास्तविक दायरे को इन अनुमतियों के साथ पढ़ना जरूरी है। इनका संभावित असर संबंधित संस्थाओं की अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच और निवेश संबंधों पर पड़ सकता है। यह कार्रवाई एआई तकनीक की सुरक्षा के साथ उससे जुड़े निवेश नेटवर्क की जवाबदेही को भी सामने लाती है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसका ध्यान गोपनीय तकनीक निकालने वालों के अलावा उससे लाभ पाने या सहायता देने वाली संस्थाओं पर भी है।
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