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फ्लाईदुबई विमान घटना में कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ की तारीफ
Ratna Netam
5 Oct 2026 8:13 PM IST

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नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कथित हाईजैक और विमान को क्रैश कराने की नाकाम कोशिश के बाद भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि विमान के कैप्टन और चालक दल की सूझबूझ के कारण एक बड़ी घटना टल गई। साथ ही उन्होंने इस घटना को इजराइल और अरब देशों के बीच विकसित हुए संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश से जोड़ते हुए अब्राहम समझौते का भी जिक्र किया।
अजार ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जाने वाली उड़ान को निशाना बनाया जाना केवल विमान में सवार यात्रियों के लिए खतरा नहीं था, बल्कि इसके पीछे व्यापक राजनीतिक संदेश भी देखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि हमलावर का उद्देश्य इजराइल और अरब देशों के बीच सामान्य होते राजनयिक संबंधों को प्रभावित करना था।
इजराइली राजदूत ने विशेष रूप से अब्राहम समझौते का उल्लेख किया। वर्ष 2020 में हुए इन समझौतों के बाद इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच राजनयिक संबंध सामान्य हुए और दोनों देशों के बीच सीधी विमान सेवाओं, व्यापार, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में संपर्क बढ़ा। ऐसे में दुबई और तेल अवीव के बीच उड़ान भरने वाले विमान को निशाना बनाए जाने को अजार ने इसी बदलते क्षेत्रीय संबंधों से जोड़कर देखा।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं का मकसद लोगों के बीच बढ़ते संपर्क को बाधित करना और क्षेत्र में सहयोग की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाना हो सकता है। हालांकि घटना के पीछे राजनीतिक उद्देश्य और किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका को लेकर उन्होंने जो बातें कहीं, वे उनका आकलन हैं। जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना के पूरे मकसद और संभावित नेटवर्क के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी।
अजार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में कैप्टन ने विमान और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिस्थितियों को संभाला। विमानन क्षेत्र में इस तरह की आपात स्थिति के दौरान पायलट और चालक दल की त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है।
इस घटना के बाद कैप्टन मच्छार की भूमिका चर्चा में आई है। उड़ान के दौरान पैदा हुई कथित गंभीर सुरक्षा स्थिति के बावजूद विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने के प्रयासों को लेकर उनकी सराहना की जा रही है। घटना से जुड़ी जांच में सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि विमान को कथित रूप से निशाना बनाने की योजना किस तरह तैयार की गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।
इजराइली राजदूत ने क्षेत्र में ईरान समर्थित नेटवर्क का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि हाल के सैन्य घटनाक्रमों के बाद ऐसे नेटवर्क क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस कथित विमान घटना में किसी खास संगठन या नेटवर्क की प्रत्यक्ष भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
अजार के मुताबिक, दुबई-तेल अवीव विमान सेवा अपने आप में इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बदलते संबंधों का प्रतीक है। कभी दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं थे, लेकिन अब्राहम समझौते के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों के साथ व्यापार और पर्यटन का विस्तार हुआ। यही कारण है कि उन्होंने फ्लाईदुबई की इस उड़ान से जुड़ी घटना को व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ में देखा।
अब्राहम समझौते के तहत संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन सहित कुछ अरब देशों ने इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ाए थे। इसके बाद मध्य पूर्व में आर्थिक सहयोग, निवेश, पर्यटन और विमानन संपर्क के नए रास्ते खुले। दुबई और तेल अवीव के बीच नियमित हवाई संपर्क इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा का मुद्दा भी एक बार फिर सामने ला दिया है। नागरिक विमानन में किसी भी संभावित हाईजैकिंग या विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को अत्यंत गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखा जाता है। ऐसी परिस्थितियों में एयरलाइन, एयरपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण होता है।
राजदूत अजार ने कैप्टन स्मित मच्छार के साथ विमान के चालक दल की भूमिका की भी सराहना की। उनके मुताबिक, कठिन परिस्थिति में चालक दल की कार्रवाई ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल इस घटना से जुड़े कई पहलुओं की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। खासकर कथित हमलावर के उद्देश्य, संभावित सहयोगियों और किसी बड़े संगठन या नेटवर्क से उसके संबंधों के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
इजराइली राजदूत की प्रतिक्रिया से इस घटना का कूटनीतिक पहलू भी सामने आया है। उन्होंने इसे केवल एक विमान सुरक्षा की घटना के रूप में नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में बदलते राजनीतिक और राजनयिक संबंधों के संदर्भ में भी देखा है। वहीं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका को लेकर उन्होंने खुले तौर पर प्रशंसा की और संकट के दौरान उनके फैसलों को महत्वपूर्ण बताया।
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