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जस्टिन ट्रूडो का फैलाया रायता साफ करेंगे कनाडा के नए पीएम, भारत संबंधों पर क्या होगा असर

Uma Verma
10 March 2025 11:33 AM IST
जस्टिन ट्रूडो का फैलाया रायता साफ करेंगे कनाडा के नए पीएम, भारत संबंधों पर क्या होगा असर
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कनाडा : PM Justin ट्रुडो : कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार के दौरान, भारत और कनाडा के रिश्तों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था, जिसमें कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों का समर्थन और कुछ विवादास्पद बयान प्रमुख रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या कनाडा के नए प्रधानमंत्री के रूप में मार्क कार्नी भारत से रिश्तों को एक नई दिशा दे सकते हैं और ट्रूडो द्वारा फैलाए गए इस "रायते" को ठीक कर सकते हैं?

PM Justin ट्रुडो : मार्क कार्नी का दृष्टिकोण
मार्क कार्नी, जिनका नाम कनाडा के आगामी प्रधानमंत्री के तौर पर लिया जा रहा है, उन्हें एक समझदार और संतुलित नेतृत्वकर्ता माना जाता है। वह अपने वैश्विक आर्थिक अनुभव के कारण जानते हैं कि कनाडा को अपने बड़े व्यापारिक साझेदार, जैसे भारत, के साथ रिश्ते सुधारने की आवश्यकता है। कार्नी ने हमेशा यह कहा है कि कनाडा को अपनी विदेश नीति में व्यावहारिक और नफासत से काम करना चाहिए, और यह सिर्फ आर्थिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के लिए भी अहम है।

भारत के साथ मजबूत रिश्ते की दिशा
मार्क कार्नी का मानना है कि भारत के साथ कनाडा के रिश्ते को और अधिक रणनीतिक और स्थिर बनाने की जरूरत है। वह दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी को बढ़ाने, शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान की संभावनाओं पर काम कर सकते हैं। साथ ही, कार्नी की विदेश नीति में यह उम्मीद की जा सकती है कि वह भारतीय समुदाय के मुद्दों पर ध्यान देंगे, जो कनाडा में महत्वपूर्ण संख्या में हैं और जिनकी सशक्त भूमिका है।

जस्टिन ट्रूडो के समय में तनावपूर्ण रिश्ते
जस्टिन ट्रूडो के प्रधानमंत्री रहते हुए, भारत और कनाडा के रिश्ते कई बार विवादों में घिरे। उनका रुख कुछ मामलों में भारतीय आंतरिक राजनीति और खालिस्तानी समर्थन पर विवादास्पद था, जिसके कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्ते प्रभावित हुए। ट्रूडो ने भारत के खिलाफ कुछ विवादास्पद बयान दिए थे, जिससे दोनों देशों के बीच परस्पर विश्वास में कमी आई।

कार्नी के नेतृत्व में बदलाव की संभावना
अगर मार्क कार्नी प्रधानमंत्री बनते हैं, तो उनके नेतृत्व में कनाडा-भारत संबंधों में नई उम्मीदें जग सकती हैं। वह न केवल द्विपक्षीय व्यापार और व्यापारिक समझौतों पर काम करेंगे, बल्कि वह सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्तों को भी प्राथमिकता दे सकते हैं। उनके नेतृत्व में कनाडा और भारत के बीच एक ठोस और स्थिर साझेदारी बनने की उम्मीद जताई जा रही है।


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