
ओटावा: कनाडा में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होने जा रही है। मार्क कार्नी कल आधिकारिक रूप से देश के 24वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। राजधानी ओटावा में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ नई कैबिनेट के मंत्री भी शपथ लेंगे।
कनाडा की सियासत में बड़ा बदलाव
मार्क कार्नी ने हाल ही में लिबरल पार्टी के नेता का चुनाव जीता था और वे मौजूदा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जगह लेंगे। ट्रूडो ने लंबे समय तक कनाडा का नेतृत्व किया और वैश्विक मंच पर अपनी नीतियों के लिए जाने गए, लेकिन हाल के चुनावों में उनकी लोकप्रियता में गिरावट देखी गई।
कार्नी के नेतृत्व में लिबरल पार्टी ने नया दृष्टिकोण अपनाने का वादा किया है। उनके प्रधानमंत्री बनने के साथ ही कनाडा की राजनीति और नीतियों में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
आर्थिक विशेषज्ञ से प्रधानमंत्री तक का सफर
मार्क कार्नी का राजनीतिक करियर भले ही नया हो, लेकिन वे अर्थशास्त्र और वित्तीय नीतियों के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं। वे बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ कनाडा के पूर्व गवर्नर रह चुके हैं। अपने वित्तीय अनुभव के चलते वे देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कार्नी की प्राथमिकता कनाडा की आर्थिक स्थिति को स्थिर करना और वैश्विक मंच पर देश की साख मजबूत करना होगी।
अमेरिका और व्यापारिक नीतियों पर नजर
कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका और कनाडा के व्यापारिक रिश्तों पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान संकेत दिया था कि वे अमेरिका के साथ संतुलित व्यापार नीति अपनाएंगे और घरेलू हितों को प्राथमिकता देंगे।
उनकी सरकार किन नीतियों को प्राथमिकता देगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। क्या वे कनाडा की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सफल होंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।





