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क्या 'गोलियां' खाकर ठीक हो सकता है कोरोना? जानिए वायरस से लड़ने के लिए क्या रहे हैं वैज्ञानिक

Gulabi
8 April 2021 4:36 PM GMT
क्या गोलियां खाकर ठीक हो सकता है कोरोना? जानिए वायरस से लड़ने के लिए क्या रहे हैं वैज्ञानिक
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कोरोनावायरस (Coronavirus) से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीन तैयार कर ली गई है

कोरोनावायरस (Coronavirus) से लोगों को बचाने के लिए वैक्सीन तैयार कर ली गई है. इंजेक्शन के जरिए लोगों को वैक्सीन (Vaccine) की डोज दी जा रही है, ताकि वे संक्रमण से बच सकें. लेकिन अमेरिका (America) में कोरोना से बचने के लिए दवा की गोलियां बनाने की तैयारी हो रही है. इस गोली को आम गोलियों की तरह पानी से लेना होगा और ये वायरस पर अपना असर दिखाएगी. हालांकि, अभी इस गोली को लेकर टेस्टिंग चल रही है. लेकिन अगर ऐसा होता है तो इससे दुनिया को कोरोना से लड़ने में एक और हथियार मिल जाएगा.

अमेरिकी 'नेशनल बास्केटबॉल एसोशिएशन' (NBA) में शामिल टीम एलए लेकर्स (LA Lakers) के को-ओनर और ड्रग इंवेंटर डॉ पैट्रिक सून-शियॉन्ग (Dr Patrick Soon-Shiong) और शोधकर्ताओं की उनकी टीम कोरोना के खिलाफ गोलियों को तैयार कर रही है. ये टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये दवा की गोलियां 'फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' द्वारा मंजूरी की गई वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की तुलना में बेहतर काम करती हैं या नहीं.
फ्रीजर में स्टोर करने की नहीं पड़ेगी जरूरत
फिलहाल अमेरिका में फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech), मॉडर्ना (Moderna) और जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन (Johnson & Johnson) के जरिए लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है. ये तीनों वैक्सीन व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी को पैदा कर देती हैं, जो कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन को शरीर के सेल्स में घुसने से रोकने का काम करते हैं. टीम का कहना है कि अगर गोलियों के रूप में खाने वाली ये वैक्सीन तैयार हो जाती है तो ये सस्ती और लोगों को देने में आसान होगी. इसे कहीं पर भी आसानी से भेजा जा सकेगा और इसे स्टोर करने के लिए ठंडे तापमान की जरूरत नहीं होगी.
दवा का पहले चरण में चल रहा है ट्रायल
कैलिफोर्निया के एल सेगुंडो में चैन सून-श्योन्ग रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर मेडिसिन (Chan Soon-Shiong Research Institute for Medicine) की एक जांचकर्ता डॉ तारा सीरी (Dr Tara Seery) ने कहा कि कमरे के तापमान पर प्रयोग की जाने वाली वैक्सीन का तैयार होना, वो भी एक गोली के रूप में, एक जीवन बदल देने वाली खोज होगी. वर्तमान में इस दवा का ट्रायल पहले चरण में हैं. टीम ने वॉलंटियर्स को चार टीमों में विभाजित कर दिया है और इनके ऊपर गोलियों का असर चेक कर रही है. ये नई वैक्सीन कोरोनावायरस के उस हिस्से को भी टार्गेट करती है, जिसका म्यूटेशन होने का खतरा कम है.
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