विश्व

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवानों ने मनाई दिवाली, सरहद पर जले हजारों दीपक

SHIDDHANT
20 Oct 2025 7:32 PM IST
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ जवानों ने मनाई दिवाली, सरहद पर जले हजारों दीपक
x
Dinajpur दिनाजपुर। देशभर में जहां दीपावली का त्योहार उल्लासपूर्वक मनाया गया, वहीं भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने भी देश की रक्षा करते हुए सरहद पर दीप जलाकर दिवाली मनाई। पश्चिम बंगाल के एबी फुलबारी बॉर्डर चौकी पर आयोजित इस समारोह में जवानों ने मातृभूमि की सुरक्षा के बीच परंपरागत तरीके से दीपोत्सव का पर्व मनाया। बीएसएफ जवानों ने सीमा चौकी परिसर को सैकड़ों दीयों से सजाया और मिट्टी के दीप जलाकर “जय हिंद” के नारे लगाए। जवानों ने इस मौके पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा कर देश की शांति, समृद्धि और सुरक्षा की कामना की। इस दौरान आसपास के ग्रामीण भी आमंत्रित किए गए थे, जिन्होंने जवानों के साथ मिलकर दिवाली का उल्लास साझा किया।
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि “हमारे जवान देश की सीमा की सुरक्षा में हर त्योहार पर तैनात रहते हैं। दिवाली हमारे लिए सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि देशभक्ति का प्रतीक है। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि जब तक हमारे जवान सरहद पर हैं, देश के लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि इस बार सीमा पर तैनात जवानों ने ‘हर घर तिरंगा, हर चौकी दीपमाला’ अभियान के तहत सीमा चौकियों को सजाया। सीमावर्ती गांवों में भी बीएसएफ ने स्थानीय बच्चों के साथ दीपक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
इस मौके पर जवानों ने देशभक्ति गीत गाए और मिठाइयां बांटीं। कुछ जवानों ने अपने परिवारों से वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़कर दिवाली की शुभकामनाएं साझा कीं। बीएसएफ की 75वीं बटालियन के कमांडेंट ने बताया कि “हमारे जवानों के लिए हर त्योहार मातृभूमि के नाम समर्पित होता है। सरहद पर भी हम उसी उत्साह से त्योहार मनाते हैं जैसे अपने घर पर। बांग्लादेश की सीमा से लगे इलाकों में तैनात भारतीय जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा रखते हुए यह सुनिश्चित किया कि त्योहार के दौरान किसी तरह की अवैध गतिविधि या घुसपैठ की कोशिश न हो। अधिकारी ने कहा कि दिवाली की रात सुरक्षा और निगरानी को दोगुना कर दिया गया था, ताकि सीमा पर शांति और अनुशासन बना रहे।
स्थानीय लोगों ने भी बीएसएफ जवानों के साथ इस विशेष दिवाली उत्सव में हिस्सा लिया। गांव की महिलाओं ने पारंपरिक आरती उतारी और बच्चों ने रंगोली बनाई। ग्रामीणों ने कहा कि जवानों के साथ दिवाली मनाना गर्व की बात है, क्योंकि वे देश की असली रक्षा पंक्ति हैं। यह पहली बार नहीं है जब दक्षिण दिनाजपुर में सीमा सुरक्षा बल ने दिवाली को इतने भव्य रूप में मनाया हो। हर साल जवान इस पर्व को स्थानीय समुदाय के साथ साझा करते हैं, जिससे “सीमा पर सद्भाव और भाईचारे का संदेश” फैलता है।
सरहद पर जले दीपक न सिर्फ सुरक्षा की रोशनी बिखेर रहे थे, बल्कि यह एहसास भी दिला रहे थे कि देश की असली ताकत उसके सीमाओं पर डटे उन जवानों में बसती है, जो अपने परिवार से दूर रहकर भी हर खुशी को देश के नाम कर देते हैं।
Next Story