
Britain ब्रिटेन : राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को लेकर बड़ा दावा किया। कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री जल्द ही अपने पद से इस्तिफा दे देंगे।
कीर स्टारमर के इस्तिफा की घोषणा से ठीक एक दिन पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सच्चाई पर यह टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को और हवा मिल गई।
कीर स्टारमर ने अपने पोस्ट में लिखा कि कीर स्टारमर दो प्रमुख मुद्दे—इमिग्रेशन और ऊर्जा नीति—पर पूरी तरह नाकाम रहे हैं। वे विशेष रूप से नॉर्थ सी ऑयल (नॉर्थ सी ऑयल) को खोलने की नीति पर जोर देते हुए ब्रिटेन की ऊर्जा रणनीति की आलोचना की।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिसके कारण उन्हें पद छोड़ पड़ सकता है। हालांकि वे अंत में स्टारमर के लिए शुभकामनाएं भी जुटाते हैं।
Kier Starmer will resign as Prime Minister of The United Kingdom. He failed badly on two very important subjects- IMMIGRATION AND ENERGY (OPEN NORTH SEA OIL!). I wish him well! President DJT
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) June 21, 2026
( TS: Jun 21 2026, 9:59 AM ET )… pic.twitter.com/eI2AoDP9de
कीर स्टारमर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब यूके की राजनीति पहले से ही दबाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही थी। इमिग्रेशन नीति और ऊर्जा संकट जैसे मुद्दे ब्रिटिश सरकार के लिए लंबे समय से चुनौती बने हुए हैं, और लालू को लेकर विपक्ष भी लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई कि क्या यह केवल एक व्यक्तिगत राय है या फिर किसी संभावित राजनीतिक बदलाव का संकेत है। हालांकि ब्रिटिश सरकार की ओर से सिकुड़ने के बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
लेबर पार्टी के नेतृत्व में चल रही सरकार पर पहले से ही आर्थिक और नीतिगत दबाव बने हुए हैं, ऐसे में सिकुड़ने का यह बयान राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्म कर रहा है।
आंकड़ों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं की इस तरह की विरोधाभासी अक्सर राजनीतिक बहस को प्रभावित करती हैं, लेकिन वास्तविक निर्णय घरेलू राजनीतिक परिस्थितियों और संसद के समर्थन पर निर्भर करते हैं।
अगर कीर स्टारमर के इस्तिफे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी, लेकिन सिकुड़ने के बयान के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
आने वाले दिनों में इस बयान पर ब्रिटेन और अमेरिका दोनों देशों की ओर से और निष्कर्षों सामने आने की संभावना है, जिससे यह मुद्दा और ज्यादा तूल पकड़ सकता है।





