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ब्राज़ील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का दौरा किया

SHIDDHANT
16 Oct 2025 11:37 PM IST
ब्राज़ील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन ने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का दौरा किया
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Brazil ब्राज़ील : उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन (Geraldo Alckmin) ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के नेतृत्व में पारंपरिक और एकीकृत स्वास्थ्य प्रणालियों के वैश्विक प्रचार-प्रसार की सराहना की और कहा कि आयुर्वेद मानवता के लिए संतुलन, प्रकृति और स्वास्थ्य का उत्कृष्ट उदाहरण है। संस्थान पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का स्वागत आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और AIIA निदेशक द्वारा किया गया। जेराल्डो अल्कमिन ने संस्थान के विभिन्न विभागों का अवलोकन किया और वहां चल रहे अनुसंधान, औषध निर्माण प्रक्रिया, पंचकर्म उपचार और वैश्विक सहयोग परियोजनाओं की जानकारी ली।
भारत के आयुर्वेद मॉडल की प्रशंसा
अपने संबोधन में अल्कमिन ने कहा, “भारत ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर एक अद्भुत मॉडल प्रस्तुत किया है। आयुर्वेद केवल चिकित्सा प्रणाली नहीं, बल्कि जीवनशैली और स्वास्थ्य का दर्शन है। ब्राज़ील इस दिशा में भारत से सीख लेकर अपने देश में भी समन्वित स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेगा। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत और ब्राज़ील के बीच सहयोग की अपार संभावनाएँ हैं। “हम चाहते हैं कि दोनों देश अनुसंधान, औषध निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में एक साझा ढांचा तैयार करें, जिससे पूरी दुनिया को लाभ मिल सके,” उन्होंने कहा।
आयुष मंत्रालय ने बताया सहयोग की नई संभावनाएँ
इस मौके पर आयुष मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने बताया कि भारत और ब्राज़ील के बीच पारंपरिक चिकित्सा, हर्बल उत्पादों और योग के क्षेत्र में कई स्तरों पर सहयोग बढ़ाने पर विचार चल रहा है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच ज्ञान-विनिमय (knowledge exchange) और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। संस्थान के निदेशक ने ब्राज़ील के प्रतिनिधिमंडल को AIIA में चल रहे आयुर्वेदिक अनुसंधान और डिजिटल हेल्थ प्रोग्राम्स के बारे में जानकारी दी।
भारत-ब्राज़ील संबंधों में नया आयाम
जेराल्डो अल्कमिन की यह यात्रा भारत-ब्राज़ील संबंधों में स्वास्थ्य और विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करने वाली मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच पारंपरिक चिकित्सा और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों में सहयोग को और सशक्त करेगा।
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