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ढाका। बांग्लादेश वायुसेना के पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट केएम तहसीफ सौरी (KM Tahsif Souri) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से देश में सनसनी फैल गई है। 28 वर्षीय पूर्व वायुसेना अधिकारी मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की शाम अपने घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे। अगले दिन बुधवार को उनका शव राजधानी ढाका के उत्तरखान इलाके में तुराग नदी से बरामद किया गया। घटना के बाद उनके परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है। पूर्व अधिकारी का नाम वर्ष 2024 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने से संबंधित एक विवादित वीडियो के मामले में भी सामने आया था। ऐसे में उनकी रहस्यमय मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसीफ सौरी मंगलवार शाम ढाका के उत्तरा इलाके में स्थित अपने आवास से एक परिचित युवक से मिलने निकले थे। उनके पिता एकेएम इनायतुल करीम ने बताया कि तहसीफ घर से निकलते समय सामान्य स्थिति में थे। उन्होंने परिवार को बताया था कि वह एक परिचित से बातचीत करने जा रहे हैं। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिवार के सदस्यों ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिजनों के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब 1 बजकर 35 मिनट पर तहसीफ ने अपनी मां को संदेश भेजा था कि वह घर लौट रहे हैं। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
बुधवार दोपहर पुलिस को राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा नंबर 999 पर सूचना मिली कि ढाका के राजाबाड़ी घाट के पास तुराग नदी में एक व्यक्ति का शव तैर रहा है। सूचना मिलते ही टोंगी नदी पुलिस चौकी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पानी से बाहर निकालने के बाद उसकी पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की गई। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक आईफोन मिला, जिसकी मदद से पहचान केएम तहसीफ सौरी के रूप में हुई। मृतक ने सफेद पायजामा और काली शर्ट पहन रखी थी। उनकी कलाई पर घड़ी भी मौजूद थी।पुलिस की प्रारंभिक जांच में शव पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले। हालांकि, शुरुआती जांच रिपोर्ट में नाक से खून निकलने का उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों में पेट पर सूजन की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि केवल बाहरी स्थिति देखकर मौत का कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता। शव को पोस्टमार्टम के लिए शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया था। चिकित्सकों ने विस्तृत परीक्षण के लिए शरीर के विभिन्न अंगों और रक्त के नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं। इनकी रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।
तहसीफ के पिता ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे की मौत सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने आत्महत्या की संभावना को खारिज करते हुए आशंका जताई कि किसी ने उनके बेटे की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। उन्होंने बताया कि लापता होने से पहले तहसीफ ने अपनी मां के साथ खरीदारी की थी और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी सामान खरीदा था। पिता के अनुसार, उस समय उनका बेटा खुश दिखाई दे रहा था और उसके व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव नहीं था। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है। हालांकि, परिवार की हत्या संबंधी आशंका को अब तक जांच एजेंसियों ने पुष्ट निष्कर्ष के रूप में स्वीकार नहीं किया है।इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम शुक्रवार को सामने आया, जब बांग्लादेश पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने अहमद शहरियार रजा दीप नामक युवक को पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि इसी युवक के बुलाने पर तहसीफ अपने घर से निकले थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों की गतिविधियों से जुड़े कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घर से निकलने के बाद तहसीफ किन स्थानों पर गए और उनकी अंतिम बार किससे मुलाकात हुई। पीबीआई अधिकारियों ने युवक से मिली जानकारी की जांच जारी होने की बात कही है।
जांच के दौरान तहसीफ की मोटरसाइकिल भी महत्वपूर्ण सुराग के रूप में सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका वाहन घर से दूर एक इलाके में बिना नंबर प्लेट के मिला। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोटरसाइकिल वहां कैसे पहुंची और उसे किसने छोड़ा। इसके अलावा जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और अंतिम संपर्क से संबंधित जानकारियों का विश्लेषण कर रही हैं।इस बीच कुछ जांच अधिकारियों ने आशंका जताई है कि तहसीफ की गला दबाकर हत्या की गई हो सकती है। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस मामले में एक से अधिक लोग शामिल थे या नहीं। हालांकि, ये शुरुआती जांच की संभावनाएं हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।तहसीफ सौरी का नाम पहली बार व्यापक चर्चा में तब आया था, जब अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने का एक वीडियो सामने आया था। उस वीडियो में कथित तौर पर शेख हसीना को विमान से देश छोड़ते हुए दिखाया गया था। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि वीडियो की रिकॉर्डिंग या उसे प्रसारित करने से तहसीफ जुड़े हुए थे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बाद तहसीफ को वायुसेना की सेवा से हटाए जाने की जानकारी सामने आई थी। बांग्लादेश की सैन्य जनसंपर्क संस्था ने पूर्व में कहा था कि उन्हें संस्थागत नियमों के तहत सेवा से अलग किया गया था। कुछ रिपोर्टों में अनुशासन संबंधी कारणों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, वर्ष 2024 के वीडियो विवाद और उनकी वर्तमान मौत के बीच किसी संबंध का अब तक प्रमाण नहीं मिला है। जांच एजेंसियों ने भी इस बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष घोषित नहीं किया है।तहसीफ की मौत के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। कुछ लोग इस घटना को उनके पूर्व सैन्य करियर और पुराने विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग हत्या की आशंका पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने लोगों से अपुष्ट दावों के आधार पर किसी व्यक्ति या समूह को जिम्मेदार नहीं ठहराने की अपील की है।शुक्रवार तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिवार की ओर से औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। पुलिस ने बताया कि परिजनों को अंतिम संस्कार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए समय दिया गया है। जांच एजेंसियां इस बीच घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही हैं।फिलहाल पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट केएम तहसीफ सौरी की मौत बांग्लादेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। आखिर वह घर से निकलने के बाद कहां गए, उनका शव नदी तक कैसे पहुंचा और मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सवालों के जवाब अभी मिलना बाकी हैं। मामले में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित होगी। परिवार को उम्मीद है कि जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाएंगी।
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