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Dhaka ढाका। बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी की कड़ी आलोचना की। बीएनपी ने चेतावनी दी कि ऐसे विचार देश में महिलाओं की सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
जमात लीडर शफीकुर रहमान के हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में किए गए दावे के बाद बीएनपी की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है। पोस्ट में जमात ने दावा किया था कि मॉडर्निटी के नाम पर घरों से निकाली गई औरतें शोषण, नैतिक पतन और असुरक्षा का सामना करती हैं। उन्होंने इसे वेश्यावृत्ति का एक और रूप बताया। इसकी बड़े पैमाने पर निंदा हुई।
बांग्लादेश के बंगाली दैनिक ‘बोनिक बार्ता’ ने सोमवार दोपहर खुलना जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए तारिक के हवाले से कहा, “जो लोग देश की औरतों की बेइज्जती करते हैं और उन्हें गंदी भाषा में गाली देते हैं, वे देशभक्त या लोगों के हितैषी नहीं हो सकते। एक राजनीतिक दल चुनाव से पहले मां-बहनों को उनके घरों में कैद करना चाहता है। वे उनके रोजगार के बारे में गलत टिप्पणी करते हैं। देश के लोग उन लोगों से सुरक्षित नहीं हैं, जो अपनी औरतों की इज्जत नहीं कर सकते।”
उन्होंने कहा, “एक नेता ने साफ-साफ कहा है कि उन्हें महिलाओं के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। उन्होंने काम करने वाली माताओं और बहनों के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किए, वे इस समाज के लिए शर्म की बात हैं। बांग्लादेश में गारमेंट इंडस्ट्री से शुरू करके हर परिवार की महिलाएं अब काम पर ध्यान दे रही हैं। बढ़ती चीजों की कीमतों के इस समय में पति-पत्नी दोनों काम कर रहे हैं और परिवार चला रहे हैं। फिर भी एक समूह उनकी बेइज्जती कर रहा है।”
रिपोर्ट्स के अनुसार, जमात नेता का पोस्ट वायरल होने के कुछ घंटों बाद पार्टी ने आरोप लगाया कि अकाउंट हैक हो गया था। इस कदम से सवाल उठे कि क्या यह सच में अकाउंट हैक हुआ था या जमात नेता को विवादों से दूर करने के लिए बहाना दिया गया।
विवादित बयानों के बाद हैकिंग के बहाने को झूठ बताते हुए बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा, "कड़ी आलोचना के बाद वे अब कह रहे हैं कि आईडी हैक हो गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह नामुमकिन है। एक राजनीतिक दल का सीनियर लीडर चुनाव से पहले लोगों के सामने इस तरह झूठ बोल रहा है। जो लोग खुलेआम झूठ बोलते हैं, वे कभी देश का भला नहीं कर सकते। वे सिर्फ अपना फायदा समझते हैं और धर्म को ढाल की तरह इस्तेमाल करते हैं।"
इससे पहले रविवार को जमात की महिला विंग की सेक्रेटरी नूरुन्निसा सिद्दिका ने कहा कि महिलाएं पार्टी में सबसे ऊंचे नेतृत्व पद पर नहीं रह सकतीं। पार्टी इस्लामिक उसूलों को मानती है, जो महिलाओं को अमीर के तौर पर काम करने की इजाजत नहीं देते।
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