
वर्ल्ड | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड रवाना हो गए हैं। इस बहुपक्षीय सम्मेलन में दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के नेताओं के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर चर्चा होगी। यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी थाईलैंड के प्रधानमंत्री सेत्था थाविसिन शिनावात्रा से भी मुलाकात करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बिम्सटेक सम्मेलन इस बार कई मायनों में खास है, क्योंकि इसका उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और आपसी व्यापार को बढ़ावा देना है। भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड इसके सदस्य देश हैं। इस बैठक में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। भारत का इस संगठन में एक प्रमुख नेतृत्वकारी भूमिका निभाना इसे और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
प्रधानमंत्री मोदी और थाई प्रधानमंत्री शिनावात्रा के बीच संभावित वार्ता में रक्षा सहयोग, व्यापार समझौतों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को लेकर बड़े फैसले हो सकते हैं। थाईलैंड, भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक अहम हिस्सा है और दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक संबंध काफी मजबूत हुए हैं।
इस सम्मेलन से भारत को BIMSTEC देशों के साथ आर्थिक और भौगोलिक कनेक्टिविटी को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी राजनयिक और आर्थिक भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का मौका भी देगा।





