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दक्षिण सीरिया में बस पर बड़ा आतंकवादी हमला, 28 यात्रियों की मौत

Rounak
16 July 2022 11:15 AM GMT
दक्षिण सीरिया में बस पर बड़ा आतंकवादी हमला, 28 यात्रियों की मौत
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फाइल फोटो 

आतंकवादी हमला

दक्षिण सीरिया में एक बस पर बुधवार को हुए हमले में कम से कम 28 यात्रियों की मौत हो गई। सीरिया की सरकारी समाचार समिति ने यह खबर दी है। सरकारी समाचार समिति साना ने बताया कि जिस वक्त यह 'आतंकवादी हमला' हुआ उस समय बस सीरिया के दक्षिणी देर अल जोर प्रांत के कोबाज्जेप में थी।

अधिकारियों ने बताया कि इस इलाके में एक समय इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों का नियंत्रण था। इलाके से पकड़ छूटने के बाद भी संगठन यहां सक्रिय है।
सीरिया में 'टाइम बम' जैसे हालात
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने मई महीने में चिंता जताई थी कि इस्लामिक स्टेट (दाएश) सहित हिंसा में शामिल कुछ पक्ष कोविड-19 महामारी का इस्तेमाल फिर से संगठित होने और आम आबादी को निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं। सीरिया में हिंसा में हताहत होने वाले आम लोगों की बढ़ती संख्या और मानवाधिकार हनन के मामल निर्बाध गति से जारी रहने के बीच उन्होंने यह बात कही।
यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने सीरिया में बदहाल हालात को एक ऐसे टाइम बम की तरह बताया है जिसकी अब और उपेक्षा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि 'हमें हर दिन ऐसी रिपोर्टें मिल रही हैं जिनके मुताबिक देश के एक कोने से दूसरे कोने तक लोगों को निशाना बनाकर मारा जा रहा है और बमबारी हो रही है, और इस तरह के अनेक हमले आबादी वाले इलाकों में हुए हैं।'
यूएन कार्यालय ने बताया कि अप्रैल में आईईडी विस्फोटों में 35 आम नागरिकों की मौत हुई थी जबकि मार्च में ऐसी घटनाओं में मृतकों का आंकड़ा सात था। मार्च महीने की शुरुआत से ही आबादी भरे इलाकों और बाजारों को निशाना बनाया गया। लगभग सभी हमले देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में हुए हैं जो तुर्की के सैन्य बलों और सहयोगी हथियारबंद गुटों या फिर कुर्दों के नेतृत्व वाले विरोधी गुटों के नियंत्रण में हैं।
रासायनिक हथियारों के निगरानी संस्थान ने 19 मुद्दों पर सीरिया की आलोचना की
बता दें कि दिसंबर महीने की शुरुआत में वैश्विक रासायनिक हथियार निगरानी संस्था ने रासायनिक शस्त्र उत्पादन इकाई के बारे में नहीं बताने तथा अन्य 18 मुद्दों पर जवाब नहीं देने पर सीरिया की आलोचना की थी। वहीं रूस ने निगरानी संस्था पर अपने करीबी सहयोगी सीरिया के खिलाफ राजनीतिक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया था।
सीरिया के रासायनिक हथियारों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मासिक बैठक में 11 दिसंबर को विवाद सामने आया, जहां 'रासायनिक शस्त्र रोकथाम संगठन' (ओपीसीडब्ल्यू) के महासचिव फर्नांडो अरियास ने मई के बाद से पहली बार सदस्यों को संबोधित किया।
अरियास ने कहा कि सीरिया ने 2013 में रासायनिक शस्त्र समझौते की सदस्यता ली थी और सात साल बाद भी उसके प्रारंभिक रासायनिक घोषणापत्र में अनसुलझे अंतराल, विसंगतियां और असमानताएं हैं। इसे अब भी पूरी तरह ठीक और संपूर्ण नहीं माना जा सकता।
अरियास ने डिजिटल बैठक में कहा था कि 19 मुद्दों में से एक रासायनिक हथियार उत्पादन इकाई से संबंधित है, जो राष्ट्रपति बशर असद की सरकार के मुताबिक, कभी हथियारों के उत्पादन के काम नहीं आई, लेकिन ओपीसीडब्ल्यू द्वारा जुटाई गई सामग्री और नमूनों में संकेत मिलता है कि रासायनिक युद्ध नर्व एजेंट का उत्पादन या शस्त्रीकरण हुआ है।
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