विश्व
भारत और रूस की सेनाओं के बीच बड़ी बातचीत रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर
Ratna Netam
15 Oct 2026 4:24 PM IST

x
नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। रूसी संघ के सशस्त्र बलों के मॉस्को मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कार्यवाहक कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलीविच सेरित्स्की ने भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा के साथ बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को मजबूत करने, पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा हुई।भारतीय सेना ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बातचीत की जानकारी साझा की। सेना के अनुसार, यह संवाद भारत और रूस के बीच जारी रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सैन्य संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा
भारतीय सेना ने बताया कि रूसी सेना के वरिष्ठ अधिकारी और सप्त शक्ति कमांड के प्रमुख के बीच हुई बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के सैन्य संबंधों को और मजबूत करना था।इस दौरान सैन्य अधिकारियों के बीच पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान और आपसी सहयोग के अवसरों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने ऐसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जहां भारत और रूस की सेनाएं आपसी हितों के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ा सकती हैं।भारतीय सेना ने इस बातचीत को द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की निरंतरता के रूप में प्रस्तुत किया।
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
भारतीय सेना ने एक्स पर जारी अपने संदेश में कहा कि भारत-रूस रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से रूसी संघ के मॉस्को मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के कार्यवाहक कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलीविच सेरित्स्की ने सप्त शक्ति कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा के साथ बातचीत की।सेना के मुताबिक, इस संवाद में दोनों देशों के बीच पेशेवर सैन्य संपर्क बढ़ाने और सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
पेशेवर आदान-प्रदान बढ़ाने पर जोर
भारत और रूस के बीच सैन्य स्तर पर होने वाली बातचीत दोनों देशों की रक्षा साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इस प्रकार के संवाद से सैन्य अधिकारियों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलता है।ताजा बातचीत में भी पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ाने और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया। भारतीय सेना के अनुसार, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच यह संपर्क लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करता है।
भारत और रूस के बीच जारी है उच्चस्तरीय सैन्य संपर्क
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में लगातार उच्चस्तरीय संपर्क बने हुए हैं। दोनों देश सैन्य अभ्यास, रक्षा सहयोग और पेशेवर संवाद के माध्यम से अपने संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं।इसी क्रम में भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास 'इंद्र-2026' में हिस्सा ले रहा है। यह अभ्यास 13 से 18 अक्टूबर तक निर्धारित है।भारतीय और रूसी नौसेना के अधिकारियों के बीच भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ाना है।
लंबे समय से मजबूत है भारत-रूस रक्षा साझेदारी
भारत और रूस के रक्षा संबंध कई दशकों पुराने हैं। सैन्य उपकरणों, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में व्यापक साझेदारी विकसित की है।वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच नियमित संवाद इसी सहयोग का हिस्सा है। इससे दोनों सेनाओं को पेशेवर अनुभव साझा करने और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं की पहचान करने में मदद मिलती है।14 अक्टूबर को हुई बातचीत में भी इन्हीं विषयों को प्राथमिकता दी गई। हालांकि, भारतीय सेना की ओर से जारी जानकारी में किसी नए रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर या विशेष परियोजना की घोषणा का उल्लेख नहीं किया गया है।
भविष्य में सहयोग की नई संभावनाओं पर नजर
रूसी सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल इगोर अनातोलीविच सेरित्स्की और भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा के बीच हुई बातचीत को दोनों देशों की रक्षा साझेदारी के निरंतर विस्तार के संदर्भ में देखा जा रहा है।भारतीय सेना ने कहा कि इस संवाद से भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को और मजबूती मिली है। दोनों देशों के बीच पेशेवर आदान-प्रदान और आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
Next Story





