
वॉशिंगटन/रियाद: अमेरिका के विदेश मंत्री ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि यूक्रेन को अपनी कुछ ज़मीन छोड़नी पड़ सकती है। उन्होंने संकेत दिए कि शांति वार्ता की प्रक्रिया में कठिन फैसले लेने के लिए तैयार रहना होगा।
क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
विदेश मंत्री ने कहा,"यूक्रेन को यह समझना होगा कि युद्ध को खत्म करने के लिए कुछ कठिन फैसले लेने पड़ सकते हैं। वास्तविकता यह है कि हर संघर्ष में कुछ न कुछ त्याग करना होता है।"सऊदी में राजनयिक हलचल तेज इस बयान के तुरंत बाद, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो सऊदी अरब पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर संभावित शांति वार्ता पर चर्चा कर सकते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध में क्या नया मोड़?
अमेरिका ने पहले यूक्रेन को पूरा समर्थन दिया था, लेकिन अब नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। रूस लगातार हमले तेज कर रहा है, और यूक्रेन को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। युद्ध लंबा खिंचने से पश्चिमी देशों का समर्थन भी कमजोर पड़ सकता है।
क्या यूक्रेन समझौता करेगा?
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय ने अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पहले उन्होंने साफ कहा था कि यूक्रेन अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं छोड़ेगा।
रूस की प्रतिक्रिया क्या होगी?
रूस इस मुद्दे पर पहले से ही यही कहता आ रहा है कि यूक्रेन को कुछ क्षेत्रों पर दावा छोड़कर शांति समझौते के लिए तैयार होना चाहिए। अब देखना होगा कि अमेरिका का बदला हुआ रुख रूस को कितना फायदा पहुंचाता है।
अगले कुछ हफ्ते महत्वपूर्ण!
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में कूटनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं





