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एशिया स्थित वितरण केंद्रों से सात करोड़ डॉलर (करीब 510 करोड़ रुपये) की दवाएं भारत के लिए भेज रही है.
देश में कोरोना संक्रमण (Covid Second Wave) के बढ़ते मामलों के बीच अलग-अलग देशों से मदद आना जारी है. देश में बीते 1 हफ्ते से ज्यादा वक्त से 3 लाख से ज्यादा मामले आ रहे हैं और हर रोज हजारों की मौत हो रही है. कहीं अस्पतालों में बेड नहीं है तो कहीं ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मौत हो रही है. इस बीच कुवैत ने भारत की मदद की है. भारत में कुवैत से 282 सिलेंडर, 60 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स, वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल सप्लाई वाली फ्लाइट मंगलवार सुबह आई.
भारत में कुवैत के राजदूत ने जानकारी दी कि आज एक जहाज भारत के लिए 3 टैंक ले जाने के लिए रवाना हुआ है. इसमें कुल 75 मीट्रिक टन गैस और 40 लीटर के 1000 गैस सिलेंडर और अन्य राहत सामग्री है.
बता दें दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले पांच दिनों में 25 उड़ानें 300 टन कोविड-19 राहत सामग्री लेकर पहुंची हैं. हवाई अड्डे के संचालक डेल्ही इंटरनेशल एयरपोर्ट लिमिटिड (डायल) ने सोमवार को एक बयान में बताया कि हवाई अड्डे ने राहत सामग्री को अंतरिम रूप से रखने व वितरण करने के लिए 3500 वर्ग मीटर में 'जीवोदय गोदाम' बनाया है.
#Watch | A flight Carrying 282 cylinders, 60 oxygen concentrators, ventilators, and other medical supplies arrives in India from Kuwait pic.twitter.com/icE5VVi6YV
— ANI (@ANI) May 4, 2021
बयान के मुताबिक, 28 अप्रैल से दो मई के बीच, पांच दिनों में करीब 25 उड़ानें दिल्ली हवाई अड्डे पहुंची जिनमें करीब 300 टन सामान था. बयान में बताया गया है कि ये उड़ानें अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान, थाइलैंड, जर्मनी, कतर, हांगकांग और चीन आदि जैसे विभिन्न देशों से आई थी. उसमें कहा गया है कि अधिकतर राहत उड़ानों का संचालन भारतीय वायुसेना के विमानों ने किया है जिनमें आईएल76, सी-130, सी-130, सी-5, सी-17 शामिल हैं. बकौल बयान, ये उड़ानें 5500 ऑक्सीजन कंसंटेटर, 3200 ऑक्सीजन सिलेंडर, 9,28,000 से अधिक मास्क, 1,36,000 रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर आई हैं.
फाइजर ने सात करोड़ डॉलर की दवा दान की
दूसरी ओर वैश्विक दवा विनिर्माता फाइजर के चेयरमैन और सीईओ अल्बर्ट बूर्ला ने कहा कि कंपनी अपने अमेरिका, यूरोप और एशिया स्थित वितरण केंद्रों से सात करोड़ डॉलर (करीब 510 करोड़ रुपये) की दवाएं भारत के लिए भेज रही है.
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