Pakistan में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा संकट, HIV से मासूमों की मौतें

Karachi कराची : पाकिस्तान के कराची में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के दो सरकारी अस्पतालों से जुड़े एचआईवी संक्रमण के मामलों में अब तक 120 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जबकि छह बच्चों की मौत हो चुकी है। सिंध प्रांतीय सरकार ने इस मामले की जानकारी देते हुए जांच और इलाज की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है।
सिंध कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा संस्था (एसईएसएसआई) के वालिका अस्पताल में एचआईवी संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अक्टूबर 2025 से अब तक अस्पताल के आसपास रहने वाले 10,500 से अधिक लोगों की जांच की गई। जांच में 120 लोगों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
सिंध के श्रम मंत्री सईद गनी ने मंगलवार को कराची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वालिका अस्पताल के अलावा एसईएसएसआई के लांधी स्थित एक अन्य अस्पताल में भी स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। वहां करीब 2,000 लोगों की जांच की गई, जिसमें 10 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए।
मंत्री ने बताया कि 19 जून 2026 को प्रांतीय लोकपाल को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में 78 बच्चों के एचआईवी संक्रमित होने और छह बच्चों की मौत की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामलों की सही संख्या का पता लगाने के लिए विशेष डेटा संग्रह किया जा रहा है और सभी जांच गोपनीय तरीके से कराई जा रही हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को सामाजिक भेदभाव का सामना न करना पड़े।
सईद गनी ने कहा कि संक्रमित बच्चों का इलाज इंडस अस्पताल, आगा खान यूनिवर्सिटी अस्पताल और डॉव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज समेत प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। उन्होंने इसे लंबे समय तक चलने वाली स्वास्थ्य चुनौती बताते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत है।
मंत्री ने मेडिकल वेस्ट के निपटारे में सामने आई कमियों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि नियमों के बावजूद कुछ लोग निजी फायदे के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हैं। सिंध एचआईवी नियंत्रण अधिनियम, 2006 के तहत संक्रमित मरीजों की पहचान गोपनीय रखना जरूरी है, ताकि उन्हें सामाजिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आगा खान यूनिवर्सिटी अस्पताल के डॉ. फैसल महमूद ने कहा कि एचआईवी संक्रमण की समस्या केवल एक इलाके तक सीमित नहीं है। कई अन्य क्षेत्रों से भी मामले सामने आ रहे हैं और कुछ निजी क्लीनिकों में संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गई हैं।
इंडस अस्पताल के सीईओ डॉ. अब्दुल बारी ने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही एचआईवी और हेपेटाइटिस-सी जैसी बीमारियों के बड़े बोझ से जूझ रहा है। उन्होंने अस्पतालों और क्लीनिकों में हर मरीज के लिए नई और सुरक्षित सिरिंज के इस्तेमाल को अनिवार्य बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
पाकिस्तान में स्वास्थ्य लापरवाही से एचआईवी संक्रमण का यह पहला बड़ा मामला नहीं है। वर्ष 2019 में सिंध के रतोडेरो में भी एचआईवी संक्रमण का बड़ा प्रकोप सामने आया था। उस समय असुरक्षित इंजेक्शन और संक्रमित सिरिंज के दोबारा इस्तेमाल को संक्रमण फैलने की प्रमुख वजह बताया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन की जांच में भी असुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं को इसके लिए जिम्मेदार माना गया था।
कराची के ताजा मामले ने पाकिस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पतालों में सुरक्षा मानकों और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों की पहचान, इलाज और संक्रमण के कारणों की जांच लगातार जारी है।





