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वॉशिंगटन। अमेरिका में नवंबर 2026 में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अरबपति कारोबारी एलन मस्क के राजनीतिक चंदे को लेकर विवाद तेज हो गया है। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने स्पेसएक्स और टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क पर रिपब्लिकन पार्टी को आर्थिक समर्थन देने के लिए निशाना साधा है। सैंडर्स ने आरोप लगाया कि मस्क अपनी विशाल संपत्ति के जरिए अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मस्क ने 2026 के मध्यावधि चुनाव चक्र में रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उनसे जुड़े संगठनों के समर्थन में लगभग 366 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।बर्नी सैंडर्स ने सोमवार, 12 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए एलन मस्क की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मस्क ने पहले डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव जिताने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च किए थे और अब वह रिपब्लिकन पार्टी को अमेरिकी कांग्रेस में बहुमत बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।सैंडर्स ने अपने संदेश में 'स्टॉप मस्क, स्टॉप ओलिगार्की' का नारा दिया। ओलिगार्की का अर्थ ऐसी व्यवस्था से है, जिसमें राजनीतिक और आर्थिक शक्ति कुछ प्रभावशाली लोगों के हाथों में केंद्रित हो जाती है।
ट्रंप के चुनाव पर 290 मिलियन डॉलर खर्च करने का दावा
बर्नी सैंडर्स ने कहा कि एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को 2024 का राष्ट्रपति चुनाव जिताने में मदद करने के लिए लगभग 290 मिलियन डॉलर खर्च किए थे।उन्होंने दावा किया कि ट्रंप की चुनावी जीत के बाद मस्क की संपत्ति में 696 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए।सैंडर्स ने इस बढ़ोतरी को मस्क के राजनीतिक समर्थन से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि इतनी अधिक संपत्ति होने के बावजूद मस्क अमेरिकी चुनावों में और पैसा क्यों लगा रहे हैं।हालांकि, संपत्ति में वृद्धि का राजनीतिक चंदे से प्रत्यक्ष कारणात्मक संबंध साबित नहीं होता। यह सैंडर्स द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक तर्क है।
रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में 366 मिलियन डॉलर
रॉयटर्स की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क ने 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनाव चक्र में लगभग 366 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।इसमें से करीब 276 मिलियन डॉलर जुलाई 2026 के बाद दिए गए हैं। इतनी बड़ी रकम के कारण मस्क इस चुनाव चक्र के सबसे बड़े ज्ञात व्यक्तिगत राजनीतिक दानदाताओं में शामिल हो गए हैं।चुनावी खर्च का मुख्य उद्देश्य रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उनसे जुड़े राजनीतिक संगठनों को समर्थन देना है, ताकि पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपना नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास कर सके।
सीनेट चुनावों के लिए भी दिया बड़ा चंदा
एलन मस्क ने अपने राजनीतिक चंदे का बड़ा हिस्सा रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े संगठनों को दिया है।रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने सीनेट लीडरशिप फंड को लगभग 158 मिलियन डॉलर दिए हैं। यह संगठन रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवारों का समर्थन करता है।इसके अलावा मस्क ने अपने राजनीतिक संगठन अमेरिका पीएसी को लगभग 76 मिलियन डॉलर दिए हैं।टेक्सास के सीनेट उम्मीदवार केन पैक्सटन का समर्थन करने वाले लोन स्टार लिबर्टी पीएसी को भी मस्क से लगभग 10 मिलियन डॉलर मिले हैं।इन आर्थिक योगदानों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार, विज्ञापन और उम्मीदवारों के समर्थन से जुड़ी गतिविधियों में किया जा रहा है।
अमेरिकी राजनीति में अरबपतियों की भूमिका पर बहस
बर्नी सैंडर्स लंबे समय से अमेरिकी राजनीति में बड़ी कंपनियों और अरबपतियों के प्रभाव का विरोध करते रहे हैं।उनका कहना है कि जब बहुत कम लोगों के पास अत्यधिक संपत्ति और राजनीतिक प्रभाव होता है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में असमानता पैदा हो सकती है।मस्क के चुनावी खर्च को लेकर सैंडर्स की आलोचना भी इसी बहस का हिस्सा है।दूसरी ओर रिपब्लिकन समर्थकों का तर्क है कि राजनीतिक चंदे से उम्मीदवारों और संगठनों को अपना संदेश मतदाताओं तक पहुंचाने में मदद मिलती है।अमेरिका में चुनावी चंदे की व्यवस्था के तहत राजनीतिक कार्रवाई समितियां और स्वतंत्र व्यय करने वाले संगठन चुनाव प्रचार में बड़ी रकम खर्च कर सकते हैं।
3 नवंबर को होंगे अमेरिकी मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होगा।मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के चार वर्षीय कार्यकाल के बीच आयोजित किए जाते हैं। इनके परिणाम अमेरिकी कांग्रेस के राजनीतिक संतुलन और आने वाले वर्षों में कानून बनाने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए चुनाव प्रचार और आर्थिक संसाधन महत्वपूर्ण बने हुए हैंएलन मस्क के भारी राजनीतिक खर्च ने चुनावी चंदे की व्यवस्था पर फिर चर्चा शुरू कर दी है। सैंडर्स इसे आर्थिक शक्ति के राजनीतिक प्रभाव का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि मस्क समर्थित संगठनों का कहना है कि यह खर्च रिपब्लिकन उम्मीदवारों को चुनाव में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करता है।नवंबर में मतदान से पहले यह विवाद अमेरिकी राजनीति में अरबपतियों की भूमिका और चुनावी वित्तपोषण को लेकर जारी बहस का प्रमुख हिस्सा बन गया है।
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