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Bangladesh बांग्लादेश: नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस (बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोट) के सदस्यों ने शुक्रवार को ढाका में मानव शृंखला बनाकर और विरोध रैली आयोजित कर पिछले सप्ताह हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के मामले में न्याय और विस्तृत जांच की मांग की। 25 वर्षीय दीपु चंद्र दास को 18 दिसंबर को कथित झूठे ईशनिंदा आरोपों के बाद भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। आरोप है कि कट्टरपंथियों ने हत्या के बाद उसके शव को पेड़ से लटकाया और फिर आग लगा दी। इस जघन्य घटना की दुनिया भर में कड़ी निंदा हो रही है।
इस बीच, गुरुवार को बांग्लादेशी मीडिया ने एक अन्य हिंदू युवक (29 वर्षीय अमृत मंडल) की हत्या की खबर दी, जिन्हें बुधवार देर रात कलिमोहर यूनियन के होसैनडांगा इलाके में भीड़ द्वारा कथित तौर पर लिंच कर दिया गया। शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश जातीय हिंदू महाजोट ने हिंदुओं के खिलाफ कथित “नरसंहार” के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें उदाहरणात्मक सजा देने की मांग की। नेशनल प्रेस क्लब के सामने आयोजित इस रैली में करीब 400 लोग शामिल हुए और त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग उठी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष दिनबंधु राय ने की, जबकि संचालन आयोजन सचिव किशोर कुमार बर्मन ने किया। इस मौके पर महासचिव गोविंद चंद्र प्रमाणिक भी मौजूद रहे। रैली को संबोधित करने वालों में संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता प्रदीप पाल और बांग्लादेश नेशनल हिंदू स्टूडेंट काउंसिल के अध्यक्ष सजीब कुंडू टापू शामिल थे। वक्ताओं ने एक स्वर में त्वरित सुनवाई और सभी दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। कार्यक्रम के दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारे भी लगाए गए। उधर, नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्रालय ने भी बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों- हिंदू, ईसाई और बौद्ध के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हालात पर करीबी नजर रखे हुए है और हालिया घटनाओं की कड़ी निंदा करता है।
उन्होंने कहा, “हम मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की हालिया हत्या की निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों के खिलाफ 2,900 से अधिक हिंसक घटनाएं- हत्या, आगजनी और भूमि हड़पने सहित दर्ज की गई हैं। इन्हें मीडिया की अतिशयोक्ति या राजनीतिक हिंसा कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। भारत ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ “निरंतर शत्रुता” पर चिंता जताते हुए बांग्लादेश में पेश किए जा रहे “झूठे भारत-विरोधी नैरेटिव” को भी खारिज किया। जायसवाल ने दोहराया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर देश-विदेश में व्यापक आक्रोश और कई मानवाधिकार संगठनों की चिंता सामने आ रही है।
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