
x
Dhaka ढाका। जहां एक ओर बांग्लादेश बढ़ती महंगाई, गंभीर आवास संकट, जल संकट और कमजोर होती सार्वजनिक सेवाओं से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने मंत्रियों के लिए राजधानी ढाका के मिंटो रोड पर 71 लग्जरी फ्लैट्स के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को लेकर देश में राजनीतिक और नैतिक बहस तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन नई इमारतों में बनने वाले इन 71 फ्लैट्स की कुल अनुमानित लागत 786 करोड़ टका है, जबकि फर्नीचर और साज-सज्जा पर अतिरिक्त 20 करोड़ टका खर्च किए जाएंगे। प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 8,500 से 9,300 वर्ग फुट के बीच होगा और इनमें रूफटॉप स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। खास बात यह है कि इन सभी सुविधाओं पर होने वाला खर्च सार्वजनिक धन से वहन किया जाएगा।
बांग्लादेश के प्रमुख अखबार न्यू एज में प्रकाशित रिपोर्ट में इस फैसले को केवल बजटीय चूक नहीं, बल्कि राजनीतिक और नैतिक विफलता बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो अंतरिम सरकार सुधारों की बात करती है, वही अब अभिजात वर्ग की विशेष सुविधाओं वाले उसी पुराने ढांचे को दोहरा रही है, जिसे खत्म करने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय चार स्तरों पर विफल साबित होता है- यह संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण और प्रक्रिया संबंधी न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है, जनता के भरोसे और नैतिक वैधता को कमजोर करता है, जुलाई 2024 की भावना से विश्वासघात करता है और चुनाव से पहले जल्दबाजी में लिए गए फैसले के जरिए अभिजात्य सत्ता को और मजबूत करता है।
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि बांग्लादेश कोई समृद्ध देश नहीं है। यह एक निम्न-मध्यम आय वाला राष्ट्र है, जहां गहरी असमानता, जलवायु संकट, शहरी भीड़ और सामाजिक सेवाओं की भारी कमी जैसी समस्याएं मौजूद हैं। लाखों लोग असुरक्षित घरों में रहने को मजबूर हैं, स्कूलों में बुनियादी संसाधनों की कमी है और अस्पताल पहले से ही अत्यधिक दबाव में हैं। ऐसे हालात में मंत्रियों के लिए सैकड़ों करोड़ टका के लग्जरी फ्लैट्स बनाना संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण के सिद्धांत के खिलाफ बताया गया है।
रिपोर्ट में यह तर्क भी दिया गया कि भले ही इन फ्लैट्स को आधिकारिक रूप से “सरकारी आवास” कहा जाए, लेकिन इनका भव्य आकार और अत्यधिक सुविधाएं इस तर्क को खोखला साबित करती हैं। स्विमिंग पूल और महंगे इंटीरियर वाले ये महलनुमा फ्लैट्स किसी भी व्यावहारिक जरूरत से कहीं आगे जाते हैं और यह दर्शाते हैं कि राज्य की प्राथमिकता नागरिकों की भलाई नहीं, बल्कि राजनीतिक अभिजात वर्ग का आराम है। रिपोर्ट ने आगामी 12 फरवरी के चुनाव के बाद सरकार बनाने की उम्मीद कर रहे प्रमुख राजनीतिक दलों की चुप्पी पर भी चिंता जताई है। किसी भी पार्टी ने इस खर्च पर नैतिक सवाल नहीं उठाया और न ही इसे वापस लेने का वादा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे समय में यह चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि मिलीभगत को दर्शाती है।
Tagsबांग्लादेशमंत्रियों के फ्लैट्सढाकामिंटो रोडमोहम्मद यूनुसअंतरिम सरकारलग्जरी फ्लैटस्विमिंग पूलसार्वजनिक धननैतिक बहसआवास संकटमहंगाईचुनाव 2026राजनीतिक विवादअभिजात वर्गन्यू एज रिपोर्टजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





