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बलूचिस्तान में सैन्य ठिकानों पर हमले पाकिस्तानी सेना को नुकसान का दावा
Ratna Netam
23 Oct 2026 6:11 PM IST

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क्वेटा। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों और बलूच अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) के बीच टकराव की खबरें सामने आई हैं। संगठन ने दावा किया है कि उसने 'ऑपरेशन अलमास' नाम से कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के कई जवान मारे गए, सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचा और कुछ सुरक्षा चौकियों पर कब्जा कर लिया गया। हालांकि, संगठन के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने सैन्य ठिकानों पर कब्जे और सैनिकों की मौत के दावों को खारिज किया है।
ऑपरेशन अलमास के तहत कई ठिकानों पर हमले का दावा
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता मेजर ग्वाहराम बलूच ने 22 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में कहा कि संगठन ने ग्वादर और आसपास के इलाकों में 'ऑपरेशन अलमास' शुरू किया है।प्रवक्ता के अनुसार, इस अभियान के तहत संगठन के लड़ाकों ने कई स्थानों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाया।उन्होंने दावा किया कि अभियान कई मोर्चों पर जारी है और पाकिस्तानी सेना को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है।संगठन ने यह भी दावा किया कि कुछ स्थानों पर सुरक्षा बलों को पीछे हटना पड़ा। हालांकि, इन दावों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सैन्य खुफिया अधिकारी और SSG जवानों की मौत का दावा
बीएलएफ प्रवक्ता ने दावा किया कि अभियान के दौरान पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के एक कैप्टन और स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) के कई जवान मारे गए।संगठन ने कहा कि उसके लड़ाकों ने सुरक्षा बलों के ठिकानों को निशाना बनाकर कई स्थानों पर नुकसान पहुंचाया।हालांकि, मारे गए कथित सैन्यकर्मियों की पहचान और उनकी संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा कि किसी सुरक्षा अधिकारी या जवान की मौत नहीं हुई। ऐसे में वास्तविक हताहतों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ग्वादर जीरो पॉइंट पर कब्जे का दावा
बीएलएफ ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने ग्वादर जीरो पॉइंट पर स्थित फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (FWO) के मुख्य शिविर पर हमला किया।प्रवक्ता के अनुसार, हमले के बाद संगठन के सदस्यों ने परिसर पर नियंत्रण स्थापित किया और वहां अपना झंडा फहराया।FWO पाकिस्तान की सेना से जुड़ा इंजीनियरिंग और निर्माण संगठन है, जो विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से संबंधित कार्य करता है।दूसरी ओर, पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस परिसर पर हमला हुआ, वह पहले से खाली निर्माण शिविर था। सुरक्षा सूत्रों ने सैन्य प्रतिष्ठान पर कब्जे की बात को भी खारिज किया है।
पुलिस स्टेशन और चौकी पर भी कब्जे का दावा
संगठन ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने मुझानी पुलिस स्टेशन पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और वहां मौजूद सरकारी हथियार तथा अन्य उपकरण अपने कब्जे में ले लिए।बीएलएफ प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि झड़प के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत हुई।इसके अतिरिक्त गुब्द इलाके में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमला करने की जिम्मेदारी भी संगठन ने ली है।प्रवक्ता के मुताबिक, इस हमले में सेना का एक वाहन नष्ट हुआ और कई जवान मारे गए या घायल हुए।संगठन ने गुब्द क्रॉस स्थित पुलिस चेकपॉइंट पर कब्जा करने का भी दावा किया है। हालांकि, पुलिस चौकी पर कब्जे और कथित हताहतों की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से नहीं हो सकी है।
सद्दू ऑपरेशनल बटालियन का किया जिक्र
बीएलएफ ने अपने बयान में बताया कि 'ऑपरेशन अलमास' में उसकी सद्दू ऑपरेशनल बटालियन और अन्य इकाइयां शामिल हैं।संगठन के अनुसार, इस बटालियन का नाम उसके वरिष्ठ कमांडर मामो सद्दू मरी के नाम पर रखा गया है, जिन्हें शहादत मरी के नाम से भी जाना जाता थाबीएलएफ ने उन्हें संगठन के शुरुआती सदस्यों में शामिल बताते हुए कहा कि उन्होंने इसके संगठनात्मक ढांचे को विकसित करने में भूमिका निभाई थी।संगठन ने दावा किया है कि अभियान के समाप्त होने के बाद नुकसान और हताहतों से संबंधित अतिरिक्त विवरण जारी किया जाएगा।
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने दावों को नकारा
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विरोधाभासी जानकारियां सामने आई हैंजहां बीएलएफ ने कई सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने और बड़ी संख्या में सैनिकों को मारने का दावा किया है, वहीं पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने कहा है कि सुरक्षा बलों ने हमलों को नाकाम किया।पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीन संदिग्ध हमलावर मारे गए। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।इन दावों और प्रतिदावों के बीच घटनाओं की वास्तविक स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
बलूचिस्तान में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक संवेदनशील प्रांत है, जहां लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और सुरक्षा बलों के अभियानों की घटनाएं सामने आती रही हैं।ग्वादर क्षेत्र सामरिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां बंदरगाह और परिवहन संबंधी परियोजनाएं मौजूद हैं।ताजा हमलों की खबरों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 'ऑपरेशन अलमास' के दौरान वास्तव में कितना नुकसान हुआ और किन स्थानों पर किसका नियंत्रण है।इन सवालों का स्पष्ट जवाब स्वतंत्र जांच और सत्यापित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।
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