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अमेरिका में पुलिस डॉग या घोड़े पर हमला पड़ेगा भारी, करना पड़ सकता है निर्वासन का सामना

jantaserishta.com
13 Jan 2026 9:57 AM IST
अमेरिका में पुलिस डॉग या घोड़े पर हमला पड़ेगा भारी, करना पड़ सकता है निर्वासन का सामना
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वाशिंगटन: अमेरिका की हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी ने एक बिल को मंजूरी दी है, जिसके तहत अगर कोई गैर-नागरिक पुलिस के काम में लगे कुत्तों या घोड़ों को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे अमेरिका में प्रवेश करने से रोका जा सकता है और देश से बाहर भी निकाला जा सकता है। इस कदम को समर्थन देने वालों का कहना है कि इससे कानून लागू करने वाले जानवरों की सुरक्षा मजबूत होगी।
कमेटी में 18 के मुकाबले 12 वोटों से एच.आर. 4638 नाम के इस बिल को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। यह “सरकारी कार्यरत जानवरों को घायल करने पर रोक” लगने वाला बिल है। कमेटी ने कुछ संशोधनों के साथ इसे हाउस में पारित करने की सिफारिश की है।
यह बिल इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट में संशोधन करेगा। अगर कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले जानवरों को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे अमेरिका में प्रवेश के अयोग्य माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर उसे देश से निकाला भी जा सकेगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होगा जो ऐसे अपराध को करने की बात खुद स्वीकार करते हैं।
रिपब्लिकन सांसदों का कहना है कि यह कानून आव्रजन व्यवस्था की कमियों को दूर करेगा और ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ जल्दी कार्रवाई संभव बनाएगा। यह बिल खास तौर पर उन कुत्तों और घोड़ों पर केंद्रित है, जिनका इस्तेमाल संघीय एजेंसियां सुरक्षा और जांच के काम में करती हैं।
ज्यूडिशियरी कमेटी के मुताबिक, जून 2025 में वाशिंगटन डलेस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक घटना हुई थी। वहां एक मिस्र के नागरिक ने जांच में तैनात एक बीगल कुत्ते को लात मार दी थी। उस कुत्ते ने यात्री के सामान में प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के बारे में अधिकारियों को अलर्ट किया था।
बाद में उस व्यक्ति ने संघीय कानून के तहत अपना अपराध स्वीकार किया, पशु चिकित्सा का खर्च चुकाया और उसे अमेरिका से बाहर निकाल दिया गया। इस बिल के समर्थकों का कहना है कि नया कानून यह साफ कर देगा कि ऐसे मामलों में आव्रजन के स्तर पर क्या कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों को जल्दी और साफ तरीके से निपटाया जा सकेगा।
हालांकि, कमेटी में डेमोक्रेट सांसदों ने इस बिल का कड़ा विरोध किया है और असहमति दर्ज कराई है। मैरीलैंड से सांसद जेमी रास्किन ने कहा कि यह कानून गैर-जरूरी है, क्योंकि जिस आचरण को यह लक्षित करता है, वह पहले से ही संघीय अपराध है और दोषी ठहराए जाने के बाद इसके इमिग्रेशन परिणाम पहले से ही होते हैं।
असहमति में यह भी कहा गया कि मौजूदा कानून के तहत, अगर पशुओं के प्रति क्रूरता का मामला सजा तक पहुंचता है, तो आव्रजन अधिकारी पहले से ही इसे गंभीर नैतिक अपराध मानते हैं। कमेटी ने यह भी बताया कि रिपोर्ट दाखिल करने तक कांग्रेस बजट कार्यालय से इस बिल की लागत का कोई अनुमान नहीं मिला था। इसमें कहा गया है कि यह बिल कोई नए फेडरल प्रोग्राम नहीं बनाता है और न ही नए खर्च को मंजूरी देता है।
अब यह बिल पूरे हाउस के सामने जाएगा, जहां इस पर आव्रजन कानून, सार्वजनिक सुरक्षा और कानूनी अधिकारों को लेकर बहस होने की संभावना है।
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