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लेबनान में हथियारबंद शख्स बैंक में घुसा, कर्मचारियो को बंधक बनाकर मांगने लगा अपने फंसे रुपये

Rounak Dey
12 Aug 2022 7:40 AM IST
लेबनान में हथियारबंद शख्स बैंक में घुसा, कर्मचारियो को बंधक बनाकर मांगने लगा अपने फंसे रुपये
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आरोपी शख्स को लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है.

लेबनान के बेरूत में गुरुवार को एक बंदूकधारी शख्स एक बैंक में घुस गया और कर्मचारियों व ग्राहकों को बंधक बना लिया. इसके बाद उसने कर्मचारियों से कहा कि बैंक में फंसी मेरी जमा धनराशि मुझे दी जाए, नहीं तो मैं खुद को आग लगा लूंगा. एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान 42 वर्षीय बस्सम अल-शेख हुसैन के रूप में हुई है. वह बेरूत के हमरा ज़िले में फेडरल बैंक में कथित रूप से घुस गया था. उसके पास गैसोलीन का कनस्तर भी था. कई घंटों की जद्दोजहद और बैंक अधिकारियों की तरफ से कुछ रुपये तुरंत देने के आश्वासन के बाद आरोपी ने सरेंडर कर दिया. हालांकि जिस वकील की मौजूदगी में यह मध्यस्थता हुई, उसका कहना है कि आरोपी को अभी एक भी रुपये नहीं मिले हैं..


काफी रिक्वेस्ट के बाद छोड़ा था एक बंधक को

इससे पहले सूचना के बाद लेबनान के सैनिकों, देश के आंतरिक सुरक्षा बल के पुलिस अधिकारियों और खुफिया एजेंट ने इलाके को घेर लिया. अधिकारी हुसैन से बातचीत कर किसी समाधान पर पहुंचने की कोशिश में लगे रहे, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली. हुसैन ने एक बंधक को बाद में मुक्त कर दिया. बैंक के अंदर से मोबाइल से रिकॉर्ड एक वीडियो में दिख रहा है कि आरोपी हाथ में शॉटगन लिए हुए है और अपना धन वापस मांग रहा है. एक अन्य वीडियो में पुलिस के दो अधिकारी उससे कम से कम एक और बंधक को मुक्त करने की गुजारिश कर रहे हैं, लेकिन उसने इनकार कर दिया.


2 हजार डॉलर की निकासी की कर रहा था मांग

बैक एम्प्लॉइज सिंडिकेट के प्रमुख जॉर्ज अल हज ने स्थानीय मीडिया को बताया कि आरोपी ने 7-8 कर्मचारियों के साथ ही 2 ग्राहकों को भी बंधक बनाया. उसने चेतावनी देने के लिए तीन गोलियां भी चलाईं. बताया जा रहा है कि बैंक में उसके करीब दो लाख डॉलर फंसे हुए हैं. दरअसल लेबनान में 2019 के अंत से ही कैश की कमी है और बैंकों से विदेशी मुद्रा निकालने पर कड़े प्रतिबंध लागू हैं. इस वजह से वह शख्स भी पैसा नहीं निकाल पा रहा है. उसके भाई आतिफ ने सरेंडर करने से पहले असोसिएटिड प्रेस से कहा कि अगर बैंक हुसैन के रुपये उसे वापस कर देता है तो वह समर्पण कर देगा, क्योंकि उसे पिता के इलाज के बिल का भुगतान करने और परिवार के खर्चे पूरे करने के लिए रुपयों की जरूरत है. आतिफ ने कहा कि उसके भाई का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उसने अपने रुपये लेने के लिए मजबूरी में ऐसा किया है.

आरोपी के समर्थन में आए लोगों ने किया प्रोटेस्ट

वहीं, घटना में बच निकले बैंक के एक ग्राहक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह अस्पताल में भर्ती अपने पिता के इलाज के लिए 2,000 डॉलर की निकासी की मांग कर रहा है. इस बीच इस घटना की सूचना मिलते ही दर्जनों प्रदर्शनकारी इलाके में आ गए और उन्होंने लेबनान की सरकार व बैंकों के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की. आरोपी शख्स को लोगों का काफी समर्थन मिल रहा है.

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