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BIJING बीजिंग। फिल्म “731” 18 सितंबर को दुनिया के कई क्षेत्रों में रिलीज हुई। लेकिन “731” से संबंधित ऐतिहासिक डेटा के विश्व रजिस्टर की स्मृति में शामिल कराने का आवेदन अभी भी सफल नहीं हो सका, जो 6 साल से जारी है। यह एकमात्र चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध का अभिलेख नहीं है, जिसे विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त करने से रोका गया है। वर्ष 2017 में चीन और दक्षिण कोरिया आदि देशों ने संयुक्त रूप से "कम्फर्ट वुमेन" मुद्दे पर एक फाइल का दर्जा दिया था। उसके बाद यूनेस्को ने बातचीत शुरू की, क्योंकि एक अन्य देश भी "कम्फर्ट वुमेन" मुद्दे से संबंधित अभिलेख को विश्व रजिस्टर की स्मृति में शामिल करने का आवेदन करना चाहता था। यह देश जापान है।
बताया जाता है कि चीन और जापान द्वारा सौंपे गए फाइल में कुछ दस्तावेज बराबर हैं, लेकिन मूल रूख बिल्कुल अलग है। चीन ने जापानी आक्रमण द्वारा किए गए अत्याचारों की पुष्टि की, जबकि जापान ने सेना का अनुशासन बनाए रखने की बात कही और तर्क देने की कोशिश की थी कि "कंफर्ट वुमेन" "स्वैच्छिक" थीं। वर्ष 2021 में विश्व रजिस्टर की स्मृति के आवेदन के नियम में संशोधन किया गया। इसके अनुसार जब तक कोई सदस्य देश आपत्ति उठाता है, तब तक आवेदन अनिश्चितकालीन वार्ता में प्रवेश करेगा। इसका अर्थ यह है कि यदि चीन जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध के अभिलेख को विश्व रजिस्टर की स्मृति की सूची में शामिल करने का आवेदन करना चाहता है, तो जापान की सहमति की आवश्यकता होगी। ऐतिहासिक सत्य पर टकराव दुनिया भर में फैल गया है।
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