
World वर्ल्ड : इस साल की शुरुआत में भारत में आयोजित एक AI समिट के दौरान मंच पर हुई एक घटना ने वैश्विक टेक जगत में काफी चर्चा बटोरी थी। इस कार्यक्रम में डारियो अमोदेई और सैम ऑल्टमैन द्वारा मंच पर हाथ न मिलाने का क्षण कैमरे में कैद हो गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के बीच कथित प्रतिद्वंद्विता को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
यह घटना तब और अधिक वायरल हो गई जब मंच पर मौजूद नेताओं और टेक दिग्गजों की तस्वीरों में दोनों के बीच दूरी साफ नजर आई। कई लोगों ने इसे टेक इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देखा, हालांकि अब इस पूरे मामले पर डारियो अमोदेई ने अपनी सफाई दी है।
ब्लूमबर्ग की एमिली चांग को दिए एक इंटरव्यू में अमोदेई ने कहा कि यह पूरा कार्यक्रम अपेक्षाकृत अव्यवस्थित था और स्थिति को गलत तरीके से समझा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के पीछे कोई व्यक्तिगत या पेशेवर तनाव नहीं था, बल्कि यह आयोजन की प्रबंधन प्रक्रिया का परिणाम था।
अमोदेई ने कहा, “समिट बहुत अव्यवस्थित था। हम सभी आखिरी समय में वहां पहुंचे थे और मंच पर खड़े होने का क्रम बदल दिया गया था। फिर अचानक फोटो के लिए कहा गया और उसी दौरान हमसे हाथ पकड़ने के लिए भी कहा गया।” उनके अनुसार, यह सब बहुत तेजी और बिना स्पष्ट निर्देशों के हुआ, जिससे स्थिति भ्रमित हो गई।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी देश या आयोजन की आलोचना करना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “मैं खास तौर पर भारत के बारे में कुछ भी नकारात्मक नहीं कह रहा हूं, लेकिन इस तरह के अंतरराष्ट्रीय समिट, खासकर जिनमें राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं, अक्सर काफी अव्यवस्थित होते हैं।”
इस संदर्भ में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मंच पर उस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे और वहीं से सभी प्रतिभागियों को हाथ मिलाने का निर्देश दिया जा रहा था। अमोदेई के अनुसार, यह स्थिति अचानक बनी और इसमें स्पष्ट समन्वय की कमी थी।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर जो चर्चाएं शुरू हुई थीं, उनमें इसे दो बड़े AI नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा या तनाव के रूप में देखा गया था। हालांकि अब अमोदेई के बयान के बाद यह मामला काफी हद तक एक आयोजन संबंधी भ्रम के रूप में सामने आ रहा है।
टेक उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वैश्विक मंचों पर कई बार समय की कमी और उच्च-स्तरीय प्रोटोकॉल के कारण ऐसी स्थितियां बन जाती हैं, जिन्हें बाद में गलत तरीके से व्याख्यायित किया जाता है।
फिलहाल अमोदेई के इस स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मंच पर हुई घटना किसी व्यक्तिगत विवाद का परिणाम नहीं थी, बल्कि आयोजन की प्रक्रिया और प्रोटोकॉल में हुई अव्यवस्था का नतीजा थी।





