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ईरान संकट के बीच आसिम मुनीर का बड़ा कदम सैन्य तैयारियों का लिया जायजा

Ratna Netam
29 Aug 2026 5:22 PM IST
ईरान संकट के बीच आसिम मुनीर का बड़ा कदम सैन्य तैयारियों का लिया जायजा
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नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना प्रमुख **फील्ड मार्शल असीम मुनीर** के अचानक पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री (POF) दौरे के बाद एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में जुटा है या फिर यह दौरा सिर्फ सैन्य उत्पादन क्षमता की समीक्षा का हिस्सा था? हालांकि अभी तक पाकिस्तान की ओर से किसी नए सैन्य अभियान या युद्ध की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
असीम मुनीर का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था। ईरान दौरे के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर कई सवाल उठे और अब POF की समीक्षा ने क्षेत्रीय रणनीति पर नई बहस छेड़ दी है।
POF दौरे से क्यों बढ़ी चर्चा?
पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री (POF) देश का प्रमुख रक्षा उत्पादन संस्थान है, जहां हथियारों और सैन्य उपकरणों का निर्माण किया जाता है। असीम मुनीर ने यहां पहुंचकर रक्षा उत्पादन क्षमता, स्थानीय स्तर पर हथियार निर्माण और निर्यात संभावनाओं की समीक्षा की।
सैन्य अधिकारियों ने उन्हें उत्पादन क्षमता बढ़ाने, तकनीकी सुधार और रक्षा उद्योग को मजबूत करने से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय रूप से विकसित हथियारों और गोला-बारूद के परीक्षण भी देखे।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी देश के सेना प्रमुख का रक्षा उत्पादन इकाइयों का दौरा सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इसे सीधे युद्ध की तैयारी से जोड़ना जल्दबाजी हो सकती है। लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच इस दौरे ने अटकलों को जरूर हवा दी है।
ईरान मामले में पाकिस्तान की भूमिका
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश की। असीम मुनीर ने तेहरान का दौरा किया और वहां ईरानी नेतृत्व से बातचीत की। इस दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना और बातचीत का रास्ता तलाशना बताया गया।
पाकिस्तान का दावा था कि बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई, लेकिन कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि इस कूटनीतिक प्रयास को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे।
क्या पाकिस्तान फिर सैन्य रणनीति बदल रहा है?
असीम मुनीर के POF दौरे के बाद कुछ विश्लेषकों ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान अपनी सैन्य तैयारियों को नए सिरे से मजबूत कर रहा है। रक्षा उत्पादन बढ़ाना किसी भी देश की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा होता है।
पाकिस्तान पहले भी अपनी सेना को आधुनिक बनाने और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की बात करता रहा है। हथियारों के उत्पादन और निर्यात क्षमता को बढ़ाना उसकी सैन्य नीति का हिस्सा रहा है।
हालांकि, अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं है कि पाकिस्तान किसी नए युद्ध की तैयारी कर रहा है।
ईरान के बाद बदली रणनीति?
ईरान संकट के दौरान पाकिस्तान के सामने कई चुनौतियां थीं। एक तरफ उसे अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखने थे, वहीं दूसरी तरफ ईरान के साथ अपने पड़ोसी संबंधों को भी संभालना था।
पाकिस्तान लंबे समय से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में उसकी सेना और सरकार दोनों कूटनीतिक और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर सक्रिय नजर आ रही हैं।
भारत की नजर भी घटनाक्रम पर
दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की हर सैन्य गतिविधि पर भारत की नजर रहती है। खासकर तब जब पाकिस्तान का सेना नेतृत्व रक्षा उत्पादन और रणनीतिक क्षमता बढ़ाने की बात करता है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल किसी सैन्य अधिकारी के दौरे के आधार पर युद्ध की आशंका लगाना सही नहीं होगा। किसी भी संघर्ष के लिए कई राजनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जिम्मेदार होती हैं।
पाकिस्तान की आर्थिक मजबूरी भी बड़ी चुनौती
पाकिस्तान की सेना भले ही रक्षा क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही हो, लेकिन देश की आर्थिक स्थिति उसके लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। रक्षा बजट, विदेशी कर्ज और आर्थिक दबाव के बीच बड़े सैन्य फैसले लेना आसान नहीं है।
यही कारण है कि पाकिस्तान फिलहाल कूटनीति और रक्षा तैयारियों दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता दिख रहा है।
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