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तियानआनमेन को याद करने पर सजा
हांगकांग: चीन के तियानआनमेन स्क्वायर में 1989 में हुई कार्रवाई की याद में सभा आयोजित करने से जुड़े मामले में हांगकांग के तीन लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं पर सजा की तलवार लटक रही है। तीनों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब अदालत उनकी सजा तय करेगी। इस घटनाक्रम ने हांगकांग में अभिव्यक्ति और सभा की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज कर दी है। तियानआनमेन की घटनाओं की याद में हांगकांग में दशकों तक हर साल चार जून को कैंडललाइट विजिल आयोजित होती रही थी। चीन के मुख्य भूभाग के विपरीत हांगकांग उन चुनिंदा स्थानों में शामिल था, जहां बड़े स्तर पर सार्वजनिक रूप से इस घटना को याद किया जाता था। बाद के वर्षों में इन आयोजनों पर रोक लग गई और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
तीन कार्यकर्ताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला
मामला लोकतंत्र समर्थक संगठन और उससे जुड़े तीन प्रमुख कार्यकर्ताओं की गतिविधियों से संबंधित है। अधिकारियों ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की। अभियोजन का आरोप रहा कि उनकी गतिविधियां केवल स्मृति सभा तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उनमें सरकार के खिलाफ राजनीतिक उद्देश्य भी शामिल थे। बचाव पक्ष ने इन आरोपों का विरोध करते हुए अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार से जुड़े तर्क दिए। अदालत की प्रक्रिया के बाद तीनों को दोषी ठहराया गया और अब उन्हें मिलने वाली सजा पर नजर है।
1989 में क्या हुआ था?
1989 में बीजिंग के तियानआनमेन स्क्वायर और आसपास के क्षेत्रों में लोकतांत्रिक सुधारों की मांग को लेकर बड़े प्रदर्शन हुए थे। जून की शुरुआत में चीनी सेना ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान कितने लोग मारे गए, इसकी कोई सर्वमान्य संख्या उपलब्ध नहीं है। विभिन्न अनुमानों में संख्या अलग-अलग बताई गई है। चीन में तियानआनमेन से जुड़ी सार्वजनिक चर्चा और स्मृति आयोजनों पर कड़ा नियंत्रण रहता है।
हांगकांग में बदल गया माहौल
1997 में ब्रिटेन ने हांगकांग को चीन को सौंपा था। इसके बाद 'एक देश, दो व्यवस्थाएं' के सिद्धांत के तहत शहर को मुख्यभूमि चीन की तुलना में कई अलग नागरिक और आर्थिक स्वतंत्रताएं मिली थीं। लेकिन 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने के बाद हांगकांग की राजनीतिक व्यवस्था में बड़े बदलाव आए। कई लोकतंत्र समर्थक नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज हुए, जबकि कई संगठनों ने अपना संचालन बंद कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर
मानवाधिकार संगठनों और कई पश्चिमी देशों ने हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। आलोचकों का कहना है कि इससे राजनीतिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित हुई है। दूसरी ओर चीन और हांगकांग प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ने अशांति के बाद स्थिरता बहाल की है और वैध अधिकार कानून के तहत सुरक्षित हैं। तीनों कार्यकर्ताओं को मिलने वाली सजा पर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तियानआनमेन की स्मृति से जुड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए कभी हांगकांग की अलग पहचान हुआ करती थी।
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