
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव अब और गंभीर रूप लेता जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए हैं और अब उसने देश के बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार के बाद लगातार सातवीं रात अमेरिका ने ईरान में कई जगहों पर हवाई हमले किए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों के अलावा आम लोगों के इस्तेमाल वाले बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। ईरान के खमीर काउंटी में स्थित दो प्रमुख पुलों को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया। इनमें गेरीवेह ब्रिज और काहुरेस्टान ब्रिज शामिल हैं। ये पुल बंदर अब्बास को शिराज से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में आते हैं।
इसके अलावा ईरान के एक रेलवे स्टेशन पर भी हमला होने की खबर सामने आई है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, बंदर अब्बास और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति से जुड़े ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। बिजली की लाइनों के प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने लोगों से बिजली की खपत कम करने और एयर कंडीशनर का सीमित इस्तेमाल करने की अपील की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के नए हमलों में ईरान के दक्षिणी हिस्से में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में अंतर हो सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को सीमित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोक दिया गया। हालांकि, इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे से एक बच्चे के घायल होने की खबर सामने आई है।
कतर के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि मिसाइल रोकने की कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे से एक बच्चा घायल हुआ है और उसका इलाज जारी है।
इस बीच, तेल आपूर्ति को लेकर भी वैश्विक चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाता है तो ईरान अपने सहयोगी यमन के हूती विद्रोहियों के जरिए लाल सागर के तेल मार्ग को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। इससे वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही तनाव का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिका का कोई भी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान के एक वरिष्ठ सैन्य सलाहकार ने भी चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो आने वाले दिनों में अमेरिका को बड़े स्तर पर जवाब दिया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए शांति वार्ता की कोशिशें हुई थीं। दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत भी शुरू हुई थी, लेकिन बाद में सैन्य गतिविधियों के कारण स्थिति फिर बिगड़ गई। इसके बाद अमेरिका और ईरान दोनों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए।
इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकर माइंस से टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे गलत बताया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है। दुनिया के कई देश हालात पर नजर बनाए हुए हैं और तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों की सैन्य रणनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस संघर्ष की दिशा तय कर सकती है।





