
वर्ल्ड | अमेरिकी कोर्ट ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को समन जारी किए जाने के खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू के दावे को खारिज कर दिया है। पन्नू ने हाल ही में यह दावा किया था कि अमेरिकी अदालत ने डोभाल को समन भेजा है, लेकिन अब कोर्ट ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई समन जारी नहीं किया गया।
गुरपतवंत सिंह पन्नू, जो 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) का स्वयंभू नेता है, लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है। उसने हाल ही में यह अफवाह फैलाई थी कि अमेरिकी अदालत ने डोभाल को तलब किया है, लेकिन कोर्ट के बयान के बाद यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ।
भारत सरकार पहले ही पन्नू को 'आतंकवादी' घोषित कर चुकी है, और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह अक्सर भारत विरोधी बयानबाजी करता रहता है और सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाने की कोशिश करता है।
इस मामले के बाद भारत की कूटनीतिक छवि को प्रभावित करने की उसकी साजिश एक बार फिर नाकाम हो गई। अमेरिकी अदालत ने पन्नू के झूठे दावों को नकार कर साफ कर दिया है कि वह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठान और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की मजबूती को दर्शाती है। वहीं, भारत विरोधी एजेंडा चलाने वाले गुटों को भी इससे करारा झटका लगा है।





