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अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर और आतंकी हमले की दी चेतावनी, खतरा कायम

Neha Dani
28 Aug 2021 12:48 AM GMT
अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर और आतंकी हमले की दी चेतावनी, खतरा कायम
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उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार संगठनों को भी जवाबदेह ठहराने की बात कही।

अफगानिस्तान छोड़कर भागने वाले लोगों को लक्ष्य कर किए गए आतंकी हमले के एक दिन बाद शुक्रवार को अफगानिस्तान से फिर निकासी अभियान शुरू हो गया। अमेरिका समेत पश्चिमी देशों ने निकासी अभियान को और तेज कर दिया है। एक के बाद के हुए दो धमाकों में कम से कम 108 लोगों की मौत हुई है और 150 से ज्यादा घायल हुए हैं। अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट पर और आतंकी हमले की चेतावनी दी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हमले के लिए दोषियों को खोजकर मारेंगे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले की निंदा की है।

गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट के साथ ही पास के एक होटल पर हुए दो आत्मघाती हमलों के बाद लोगों को अफगानिस्तान से निकालने के अभियान को रोक दिया गया था। शुक्रवार को यह अभियान फिर शुरू हुआ तो काबुल एयरपोर्ट विमानों की आवाजाही से गूंज उठा। तेजी से खराब होते हालात को देखते हुए अमेरिका समेत कई देश 31 अगस्त की समय सीमा खत्म होने से पहले ही अपने लोगों को निकाल लेना चाहते हैं।
अमेरिका अब तक एक लाख से ज्यादा लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाल चुका है, जिनमें उसके अपने नागरिक के साथ ही सहयोगी देशों और अफगान शामिल हैं। अमेरिकी मध्य कमान के प्रमुख फ्रैंक मैकेंजी ने कहा कि अभी कम से कम एक हजार अमेरिकी और उसके हजारों अफगान सहयोगियों को बाहर निकाला जाना बाकी है।
धमाकों के बाद काबुल एयरपोर्ट के बाहर तालिबान ने पहरा बढ़ा दिया है। मैकेंजी ने कहा कि और हमलों को रोकने के लिए तालिबान के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। स्वीडन के विदेश मंत्री एन लिंडे ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा कि काबुल एयरपोर्ट के आसपास बड़े आतंकी हमले की खुफिया सूचना मिली है, हालांकि उन्होंने इसके बारे में आगे कुछ नहीं बताया।
धमाकों में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या 13 हुई
अफगानिस्तान और अमेरिका दोनों ही देशों के अधिकारियों ने बताया कि धमाकों में कम से कम 95 अफगान और 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। अफगानिस्तान के अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है क्योंकि मुर्दाघरों में जगह नहीं होने से कई लोग अपने जानने वालों के शव वहां से ले गए हैं। एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखते हुए मरने वालों की संख्या 115 बताई। तालिबान ने दावा किया है कि हमले में अमेरिका से ज्यादा उसे नुकसान हुआ है और उसके 28 लड़ाके मारे गए हैं।
अफगानिस्तान में आतंकवाद को खत्म करना जरूरी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अफगानिस्तान में आतंकवाद को खत्म करने की जरूरत बताते हुए वीटो अधिकार वाले पांचों स्थायी सदस्यों के राजदूतों की सोमवार को बैठक बुलाई है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस शामिल हैं। उन्होंने हमले के लिए जिम्मेदार संगठनों को भी जवाबदेह ठहराने की बात कही।

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