
Washington वाशिंगटन : अमेरिका के विदेश मंत्री (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट) मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि ट्रंप प्रशासन अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरे को लेकर दोनों देशों के बीच समन्वय और तैयारियों का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
व्हाइट हाउस में दिए गए बयान में मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और यह यात्रा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं इस वर्ष के अंत से पहले भारत आने की उम्मीद रखते हैं ताकि राष्ट्रपति की संभावित यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।
रुबियो ने कहा, “मैं साल के आखिर से पहले खुद लौटने और अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति के दौरे की तैयारी करने का इंतज़ार कर रहा हूँ।” उनके इस बयान को भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी होने के करीब है। ऐसे में प्रस्तावित दौरा केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
IANS Exclusive
— IANS (@ians_india) June 27, 2026
Washington DC, US: When asked about US President Donald Trump's possible visit to India next year, US Secretary of State Marco Rubio says, "We're hoping that's what we're working towards - sometime early next year to have the President come. I think it's very… pic.twitter.com/soumURKZ91
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के संबंधों में रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और व्यापारिक निवेश के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय यात्राएं दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने का काम करती हैं।
इस संभावित यात्रा को लेकर दोनों देशों की राजनयिक टीमों के बीच प्रारंभिक स्तर पर चर्चा शुरू हो चुकी है। सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक जैसे प्रमुख मुद्दों पर बातचीत को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।
यदि यह यात्रा तय समय पर होती है तो यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत का एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक दौरा होगा, जो वैश्विक राजनीति और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीति पर भी प्रभाव डाल सकता है।
कुल मिलाकर, मार्को रुबियो के बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत और अमेरिका अपने संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और आगामी महीनों में इस साझेदारी में और मजबूती देखने को मिल सकती है।





