
Pakistan पाकिस्तान : प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति समझौते को लेकर बातचीत अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने जानकारी दी कि इस समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है और उम्मीद की जा रही है कि अगले 24 घंटों के भीतर इस डील को औपचारिक रूप से फाइनल कर दिया जाएगा।
शहबाज़ शरीफ़ के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत में अब केवल कुछ तकनीकी और औपचारिक पहलू बाकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद अगले सप्ताह इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी स्तर पर विस्तृत बातचीत होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पूरे वार्ता क्रम में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में संभावित ढील और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम विषयों पर चर्चा केंद्रित रही है। उनका कहना था कि इन सभी मुद्दों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है ताकि क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता कायम की जा सके।
We are closer to a peace deal than ever before. With finalisation likely expected in the next 24 hours, Pakistan is preparing for the electronic signing of the peace deal immediately after, followed by technical level talks next week.
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 13, 2026
We would like to thank United States of…
शहबाज़ शरीफ़ ने यह भी दावा किया कि इस बातचीत को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान ने मध्यस्थ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने और मतभेदों को कम करने में सहयोग किया है, जिससे बातचीत को सकारात्मक दिशा मिल सकी है।
उन्होंने अमेरिका और ईरान दोनों का इस प्रक्रिया में सहयोग बनाए रखने के लिए धन्यवाद भी दिया। साथ ही, क्षेत्रीय सहयोगी देशों के समर्थन की भी सराहना की, जिन्होंने इस वार्ता को आगे बढ़ाने में सहायक भूमिका निभाई है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा कूटनीतिक प्रयास कई दौर की बैठकों और चर्चाओं के बाद अब अंतिम निर्णय की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन बातचीत की प्रगति को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कूटनीतिक सूत्रों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में होने वाली तकनीकी स्तर की वार्ता में समझौते की शर्तों, कार्यान्वयन प्रक्रिया और निगरानी तंत्र जैसे बिंदुओं को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद ही इस समझौते को पूरी तरह लागू करने की दिशा में आगे कदम बढ़ेंगे।





