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बाढ़ से डूबे पाकिस्‍तान के लिए अमेरिका ने मदद का हाथ बढ़ाया, ब्लिंकन ने एक तीर से साधे दो निशाने

Rounak Dey
27 Sept 2022 5:00 PM IST
बाढ़ से डूबे पाकिस्‍तान के लिए अमेरिका ने मदद का हाथ बढ़ाया, ब्लिंकन ने एक तीर से साधे दो निशाने
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उनके वहां पर होने की एक बड़ी वजह जहां अमेरिका से मदद हासिल करना है वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष से भी कर्ज हासिल करने की है।

बाढ़ से डूबे पाकिस्‍तान के लिए अमेरिका ने मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री बिलावल जरदारी को मदद का पूरा भरोसा दिया है। इसके अलावा उन्‍होंने पाकिस्‍तान से चीन से ये अपील करने को भी कहा है कि भीषण प्राकृतिक आपदा को देखते हुए वो कर्ज माफ कर दे। पाकिस्‍तान के लिए जहां ये कहना आसान हो सकता है, लेकिन चीन के लिए ये करना काफी मुश्किल होगा। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्‍योंकि इस बाबत चीन ने श्रीलंका की भी अपील नहीं मानी थी। ऐसे में अमेरिका के लिए ये सलाह कुछ राजनीतिक स्‍टंट भी हो सकता है। इस मुलाकात को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय एक ट्वीट भी किया है, जिसको बिलावल ने रीट्वीट भी किया है।


अमेरिका ने चल दी दो तरफा चाल
अमेरिका ने ये सलाह देकर दो तरफा चाल चलने की भी कोशिश की है। एक तरफ उसने मदद के लिए गेंद पहले पाकिस्‍तान और फिर चीन के पाले में डाल दी है और दूसरी तरफ चीन के लिए एक नई मुसीबत को जन्‍म दे दिया है। यदि पाकिस्‍तान अमेरिका की सलाह मानकर चीन से इस बारे में बात करता भी है तो चीन के लिए इस पर फैसला लेना आसान नहीं होगा। ऐसे में अमेरिका ने चीन और पाकिस्‍तान के बीच में एक लकीर खींचने का काम तो किया ही है। बता दें कि नवंबर में पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ चीन के दौरे पर जाएंगे।


देश का एक तिहाई हिस्‍सा बाढ़ से प्रभावित
पाकिस्‍तान में आई बाढ़ से देश का करीब एक तिहाई हिस्‍सा प्रभावित हुआ है। पीडि़तों की मदद के लिए पाकिस्‍तान विश्‍व से मदद की अपील लगातार कर रहा है। यूएन चीफ एंटोनियो गुटेरस ने भी विश्‍व से ऐसी ही अपील की है। उन्‍होंने यूएनजीए के 77वीं महासभा को संबोधित करने गए पीएम शहबाज शरीफ से इसके लिए यूरोप के किसी भी देश में एक कांफ्रेंस करने की भी सलाह दी थी। अमेरिका से मदद की गुहार लेकर बिलावल अब भी वहां पर मौजूद हैं। उनके वहां पर होने की एक बड़ी वजह जहां अमेरिका से मदद हासिल करना है वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष से भी कर्ज हासिल करने की है।


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