
x
अमेरिका ने बनाई सुपर इंटेलिजेंस फोर्स
वॉशिंगटन: अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर सरकार ने नई पहल की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जय क्लेटन को अमेरिकी सरकार का नया एआई जार बनाया है। क्लेटन नई संघीय टास्क फोर्स ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ (SIF) का नेतृत्व करेंगे। इस टीम का काम अमेरिका की एआई रणनीति से जुड़े सरकारी प्रयासों के बीच समन्वय करना और तेजी से विकसित हो रही तकनीक से जुड़े जोखिमों तथा अवसरों का आकलन करना होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को नई टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की। प्रशासन की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी वजह से नई टीम को ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ नाम दिया गया है। जय क्लेटन इस टास्क फोर्स के प्रमुख होंगे। उनके साथ फेडरल ट्रेड कमीशन के चेयरमैन एंड्रयू फर्ग्यूसन, पेंटागन में रिसर्च एंड इंजीनियरिंग के अंडर सेक्रेटरी एवं टेक्नोलॉजी प्रमुख एमिल माइकल और ऑफिस ऑफ पर्सनेल मैनेजमेंट के डायरेक्टर स्कॉट कुपोर नेतृत्व की भूमिका में रहेंगे। टास्क फोर्स सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स को रिपोर्ट करेगी।
टास्क फोर्स के व्यापक समूह में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस बाहरी सलाहकार की भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा पूर्व एआई जार डेविड सैक्स भी सलाहकार के तौर पर जुड़े बताए गए हैं। नई टास्क फोर्स को शुरुआती तौर पर 120 दिनों का महत्वपूर्ण लक्ष्य दिया गया है। इस अवधि में टीम को एआई से जुड़े जोखिमों और अवसरों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि तेजी से विकसित होती इस तकनीक के मामले में संघीय सरकार की भूमिका क्या होनी चाहिए।
टास्क फोर्स एआई से जुड़े सुरक्षा उल्लंघन, हैकिंग और अन्य तकनीकी घटनाओं की रिपोर्टिंग के मौजूदा सिस्टम का भी अध्ययन करेगी। इसके साथ यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौजूदा सरकारी अधिकारों के तहत ऐसी घटनाओं से निपटने की क्षमता को किस तरह मजबूत किया जा सकता है। नई टीम का एक प्रमुख उद्देश्य अमेरिका को एआई तकनीक के विकास में आगे बनाए रखना है। इसके साथ ही सरकार इस क्षेत्र में उपभोक्ताओं, जनहित संगठनों, धार्मिक संगठनों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं और एआई कंपनियों के साथ संवाद करेगी।
जय क्लेटन ने एआई को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया है। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका के पीछे रहने का जोखिम बड़ा हो सकता है। टास्क फोर्स इसी संदर्भ में तकनीकी विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकारी भूमिका के बीच संतुलन से जुड़े सवालों पर काम करेगी। इस पहल से पहले व्हाइट हाउस में अमेरिका की प्रमुख एआई और टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारियों की बैठक भी हुई थी। बैठक में एआई सुरक्षा और तकनीक के जिम्मेदार विकास से जुड़े स्वैच्छिक मानकों पर चर्चा हुई थी।
जय क्लेटन इससे पहले अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के चेयरमैन रह चुके हैं। वह न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के यूएस अटॉर्नी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर होने के साथ उन्हें एआई नीति से जुड़ी नई जिम्मेदारी भी मिली है। नई ‘सुपर इंटेलिजेंस फोर्स’ की 120 दिनों में आने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसमें एआई के अवसरों और खतरों के साथ मौजूदा कानून, सरकारी अधिकारों और संभावित नीतिगत कदमों का आकलन किया जाएगा।
Next Story





