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अमेरिका ने फिर दिया झटका, बाइडन प्रशासन में भी पाकिस्तान को नहीं मिलेगी आर्थिक मदद

Rounak Dey
25 May 2021 10:21 AM IST
अमेरिका ने फिर दिया झटका, बाइडन प्रशासन में भी पाकिस्तान को नहीं मिलेगी आर्थिक मदद
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अपने पाकिस्तानी समकक्ष मोईद यूसुफ से जिनेवा में मुलाकात की थी।

आतंक को पालने वाले पाकिस्तान को अमेरिका ने एक बार फिर करारा झटका दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के हेडक्वार्टर पेंटागन की ओर से सोमवार को कहा गया कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने निलंबित कर दी थी वह अब भी निलंबित है। अमेरिका की ओर से यह बात ऐसे समय कही गई है जब हाल में रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से बात की तथा अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने जिनेवा में अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात की है।

पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से दी जाने वाली सुरक्षा सहायता अब भी निलंबित है। आगे इसमें कोई बदलाव होगा या नहीं इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता।
किर्बी से सवाल किया गया था कि इस विषय पर पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन की नीति की अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने समीक्षा की है या नहीं? उनसे पूछा गया था कि क्या इसमें कोई परिवर्तन किया गया है या पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा हुई है? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2018 में पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सुरक्षा सहायता निलंबित करते हुए कहा था कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की भूमिका तथा उसकी ओर से मिलने वाले सहयोग को लेकर संतुष्ट नहीं हैं।
किर्बी ने बताया कि इससे पहले ऑस्टिन ने जनरल बाजवा से बात की और उनके साथ साझा हितों एवं लक्ष्यों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया, ''रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान शांति वार्ता में पाकिस्तान के समर्थन की सराहना की और अमेरिका-पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की अपनी इच्छा जाहिर की। ऑस्टिन ने ट्वीट किया, ''मैंने दोहराया कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की मैं सराहना करता हूं। क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को बढ़ाने की खातिर मिलकर काम करने की इच्छा भी मैंने दोहराई। सुलिवन ने भी एक दिन पहले अपने पाकिस्तानी समकक्ष मोईद यूसुफ से जिनेवा में मुलाकात की थी।


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