विश्व

दुनिया के तमाम देशों ने की रूस पर प्रतिबंधों की बौछार, यूक्रेन के साथ हुए 'अन्याय' के खिलाफ एकजुट हुए देश, आखिर किसने क्या कहा?

Renuka Sahu
23 Feb 2022 6:08 AM GMT
दुनिया के तमाम देशों ने की रूस पर प्रतिबंधों की बौछार, यूक्रेन के साथ हुए अन्याय के खिलाफ एकजुट हुए देश, आखिर किसने क्या कहा?
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फाइल फोटो 

जापान के प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन के उन दो अलगाववादी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनकी स्वतंत्रता को रूस ने मान्यता दे दी है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जापान (Japan) के प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन (Ukraine Russia Tensions) के उन दो अलगाववादी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिनकी स्वतंत्रता को रूस ने मान्यता दे दी है. इसी के साथ वह रूस पर कूटनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटने का दबाव बनाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल हो गए हैं. प्रधानमंत्री फुमियो कुशिदा (Japanese Prime Minister Fumio Kishida) ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार 'यूक्रेन में रूस द्वारा की जा रही कार्रवाई' के जवाब में जापान में रूसी सरकार के बॉन्ड को जारी करने और इसके वितरण पर प्रतिबंध लगाएगी.

उन्होंने कहा कि जापान यूक्रेन के दो अलगाववादी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को वीजा जारी करने पर भी रोक लगाएगा, अपने यहां उनकी संपत्तियां जब्त करेगा और दो इलाकों के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाएगा. किशिदा ने यूक्रेन की संप्रभुत्ता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए रूस की 'कड़ी निंदा' की. उन्होंने कहा, 'हम रूस से इस घटनाक्रम को हल करने के लिए कूटनीतिक प्रक्रिया पर लौटने का अनुरोध करते हैं.'
संयुक्त राष्ट्र-
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि दुनिया 'हाल के वर्षों में सबसे बड़े वैश्विक शांति एवं सुरक्षा संकट' का सामना कर रही है और उन्होंने पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादी इलाकों की तथाकथित 'स्वतंत्रता' को रूस द्वारा मान्यता देने को उसकी क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया और मॉस्को पर 'शांतिरक्षा की अवधारणा को विकृत करने' का आरोप लगाया.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि उन्हें दूरदराज के इलाकों में संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षकों की उपलब्धियों पर गर्व है लेकिन जब एक देश की सेना दूसरे देश की मर्जी के बिना उसके क्षेत्र में घुसती है, जैसा कि रूसी सेना ने किया है, तो 'वे निष्पक्ष शांतिदूत नहीं हैं.'
कनाडा- प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि कनाडा सैकड़ों और सैनिकों को पूर्वी यूरोप में भेज रहा है और रूस पर नए प्रतिबंध लगा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि कनाडाई सशस्त्र बलों के 460 अतिरिक्त सैनिकों को लातविया और आसपास के क्षेत्र में भेजा जा रहा है.
वाशिंगटन- अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को स्वतंत्र क्षेत्र के तौर पर मान्यता देने के बाद उन्होंने जिनेवा में अपने रूसी समकक्ष के साथ होने वाली बैठक रद्द कर दी है. ब्लिंकन ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि रूस की कार्रवाई दर्शाती है कि वह मौजूदा संकट के समाधान के वास्ते कूटनीतिक रास्ता अपनाने को लेकर गंभीर नहीं है. इसलिए उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ गुरुवार को होने वाली बैठक रद्द कर दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका रूसी बैंकों और कुलीन वर्गों के खिलाफ कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाने के आदेश दे रहा है.
यूक्रेन- यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मंगलवार रात घोषणा की कि रूस के आक्रमण करने की आशंका के चलते वह देश के कुछ आरक्षित सैनिकों को तैनाती के लिए बुला रहे हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पूर्ण सैन्य लामबंदी की अभी कोई आवश्यकता नहीं है. राष्ट्रपति ने राष्ट्र को एक वीडियो के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि उनका आदेश केवल तथाकथित रिजर्व सैनिकों पर लागू होता है, जो आमतौर पर संकट के समय सक्रिय हो जाते हैं और 'एक निश्चित समय के लिए सक्रिय रहते हैं.'
जेलेंस्की ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा, 'अभी पूर्ण सैन्य लामबंदी की जरूरत नहीं है. हमें यूक्रेन की सेना और अन्य सैन्य संरचनाओं में अतिरिक्त सैनिकों को शामिल करने की जरूरत है.' यूक्रेन के सशस्त्र बलों में लगभग 250,000 सैनिक हैं और कुछ 140,000 सैनिकों को 'रिजर्व' (तैनाती के लिए तैयार) में रखा गया हैं.
जर्मनी- जर्मनी की विदेश मंत्री एनालिना बियरबॉक ने जी-7 देशों के आह्वान का नेतृत्व किया जिसमें मंत्रियों ने पूर्वी यूक्रेन के दोनेत्स्क और लुहांस्क इलाकों की स्वतंत्रता को मान्यता देने तथा वहां अपने सैनिकों को तैनात करने के रूस के कदम की कड़ी निंदा की. इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के साथ यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री शामिल थे. जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार की रात को कहा कि जी-7 के विदेश मंत्री रूस की कार्रवाई के जवाब में प्रतिबंधात्मक उपाय तेज करने पर राजी हुए।
लीबिया- अराजकता की स्थिति से जूझ रहे लीबिया में अंतरिम सरकार ने कहा कि वह दक्षिण पूर्व यूक्रेन में दो अलगाववादी क्षेत्रों को मान्यता देने के रूस के फैसले को खारिज करता है. मंगलवार को एक बयान में नेशनल यूनिटी की सरकार ने रूस से तनाव कम करने और यूक्रेन संकट का हल निकालने के लिए कूटनीति का रास्ता अपनाने का अनुरोध किया.
मॉस्को- रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने यूक्रेन से रूस के राजनयिकों को निकालने का फैसला किया है. मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन में रूसी राजनयिकों को कई धमकियों मिली है. उन्हें 'जल्द ही' निकाला जाएगा. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रीमिया को रूस के हिस्से के तौर पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने, यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की कवायद को खत्म करने और वहां हथियारों की खेप पहुंचाने से रोकने का आह्वान किया.
ब्रसेल्स- फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां येव्स ली द्रां ने कहा कि यूरोपीय संघ के 27 सदस्यों ने यूक्रेन में शामिल रूसी अधिकारियों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंध लगाने पर सहमति जतायी है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन देन लेयेन ने कहा कि सीधे तौर पर व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे और साथ ही 'रूस के सैन्य उपकरणों' को वित्त पोषण देने वाले बैंकों पर भी पाबंदियां लगाई जाएंगी.
बेलवॉयर कासल- बाल्टिक देशों के रक्षा मंत्रियों ने विश्व नेताओं से रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया. लातविया के रक्षा मंत्री आर्टिस पैब्रिक्स ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति की 'आक्रामकता' को रोकने में नाकाम रहने से यह संदेश जाएगा कि मॉस्को 'यूरोपीय लोगों तथा अमेरिका से खेल सकता है.'
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