विश्व
नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट PM बालेन्द्र शाह ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
Ratna Netam
23 Sept 2026 6:54 PM IST

x
काठमांडू। नेपाल में एक बार फिर खराब मौसम और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुधवार को देशवासियों से शुक्रवार से रविवार तक संभावित भारी से बहुत भारी बारिश को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने लोगों को बाढ़, भूस्खलन, मलबा बहने, जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं के संभावित खतरे को लेकर आगाह किया है। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 से 27 सितंबर के बीच देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
प्रधानमंत्री शाह इस समय संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं। वहीं से उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की। शाह का संयुक्त राष्ट्र महासभा को गुरुवार को संबोधित करने का कार्यक्रम है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शुक्रवार 25 सितंबर से रविवार 27 सितंबर तक नेपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता बहुत अधिक रहने की आशंका है। ऐसी स्थिति में नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
पूर्वानुमान के अनुसार गंडकी और लुंबिनी प्रांत के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कोशी, बागमती, मधेश, कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रांत के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। बागमती क्षेत्र के लिए भी प्रशासन ने 25 से 27 सितंबर के बीच संभावित प्रतिकूल मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगातार या बहुत तेज बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और मलबा बहने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव का खतरा भी रहेगा। इसके साथ सड़क और हवाई परिवहन प्रभावित होने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं और कई स्थानों का संपर्क अस्थायी रूप से टूट सकता है।
शाह ने लोगों से बारिश के दौरान राजमार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है। उन्होंने विशेष रूप से रात के समय यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। पहाड़ी सड़कों पर भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नागरिकों से मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की अपील की गई है।
नदियों और छोटे जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से जलस्तर पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की। अचानक तेज बारिश होने की स्थिति में स्थानीय नदियों और नालों में पानी तेजी से बढ़ सकता है।
नेपाल के मौसम विभाग की निगरानी प्रणाली में भारी बारिश के साथ बाढ़ और भूस्खलन के संभावित खतरों पर भी नजर रखी जा रही है। विभाग के रेनफॉल वॉच सिस्टम के मुताबिक 24 घंटे में 140 मिलीमीटर बारिश को चेतावनी स्तर के रूप में चिह्नित किया जाता है। इतनी तीव्र बारिश पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और स्थानीय क्षेत्रों में तेज बहाव का खतरा पैदा कर सकती है।
प्रधानमंत्री शाह ने ट्रेकिंग और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे लोगों को भी मौसम में सुधार होने तक अपनी यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भी पर्यटकों को नदियों, खड़ी ढलानों और अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदलने और कुछ स्थानों पर बर्फबारी होने की संभावना भी जताई गई है।
नेपाल के लिए यह मौसम चेतावनी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने देश के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद से मौसम से जुड़ी किसी भी गंभीर चेतावनी को लेकर सरकारी एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। वर्तमान मौसम प्रणाली को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पहले ही हाई अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित मौसम प्रणाली नेपाल में बारिश की गतिविधियों को तेज कर सकती है। विभाग ने इससे पहले 24 से 27 सितंबर के दौरान बारिश बढ़ने की संभावना जताई थी और लुंबिनी, मधेश तथा कोशी समेत कई क्षेत्रों में अधिक तीव्र वर्षा की चेतावनी दी थी।
प्रधानमंत्री ने संबंधित सरकारी एजेंसियों को भी संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सरकारी निकायों से आपसी समन्वय मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है।
नागरिकों को मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नियमित नजर रखने की सलाह दी गई है। नेपाल के मौसम विभाग ने चरम मौसम और बाढ़ से जुड़ी जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1155 भी उपलब्ध कराया है।
25 से 27 सितंबर का समय नेपाल के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंडकी और लुंबिनी में अत्यधिक बारिश की संभावना तथा दूसरे प्रांतों में भारी वर्षा के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों से सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रधानमंत्री शाह ने स्पष्ट किया है कि लोगों को अनावश्यक जोखिम लेने के बजाय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों के अनुसार अपनी यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
Next Story





