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आखिर कौन थी लेडी डेथ?, जिसने 309 लोगों को गोलियों से भूना, सामने जो भी आता, वहीं बनता शिकार

Gulabi Jagat
13 April 2022 7:21 AM GMT
आखिर कौन थी लेडी डेथ?, जिसने 309 लोगों को गोलियों से भूना, सामने जो भी आता, वहीं बनता शिकार
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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में कुछ ऐसी महिलाओं की काफी चर्चा हो रही है, जिन्होंने लड़ाई में हिस्सा लेते हुए तमाम लोगों को मार डाला. एक महिला को तो लेडी डेथ (Lady Death Story) के नाम से भी संबोधित किया जा रहा है. हाल में कुछ ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं, जिनमें कहा गया कि यूक्रेन की सेना (Ukraine Army) ने एक खूंखार महिला स्नाइपर को पकड़ा है. जिसने कम से कम 40 लोगों को मारा है. महिला की पहचान इरीना स्टारिकोवा के नाम से हुई है. जिसकी तस्वीरें भी जारी की गईं. ये महिला रूस (Russia) की तरफ से लड़ रही है और सर्बिया की रहने वाली बताई जा रही है.
यूक्रेन साल 2014 से ही इरीना की तलाश कर रहा है. वो हिंसाग्रस्त पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादियों के साथ काम कर रही थी. इरीना ने एक और पुरानी कहानी को याद दिला दिया है. अगर इतिहास को खंगालें, तो पता चलता है कि रूस की तरफ से ऐसी ही कई और महिला स्नाइपर भी जंग के मैदान में उतर चुकी हैं. तब सोवियत रूस के समय एक महिला स्नाइपर ने अकेले ही 309 लोगों को गोलियों से भून दिया था. रूस की रहने वाली इस महिला का नाम ल्यूडमिला पावलिचेंको था. जो दूसरे विश्व युद्ध के समय जंग लड़ रही थी. जो भी दुश्मन उसके सामने आता, वो जिंदा बचकर नहीं जाता था.
काफी सटीक था ल्यूडमिला का निशाना
ऐसा कहा जाता है कि ल्यूडमिला का निशाना काफी सटीक था. वह यूक्रेन की राजधानी कीव के पास रहती थी और उसे लेडी डेथ के नाम से जाना जाता था. उसने जिन लोगों को गोलियां मारी, उनमें से अधिकतर नाजी समर्थक थे. लेकिन साल 1942 में चोट की वजह से उसने स्नाइपर के इस काम को छोड़ दिया था. कुछ इसी तरह की कहानी रूस की एक और महिला स्नाइपर येलिजावेटा मिरोनोव की भी है. जिसने 34 लोगों को मार दिया था. तब वो महज 17 साल की थी, जब साल 1941 में जर्मनी ने रूस पर हमला कर दिया था. येलिजावेटा ने अपने हाई स्कूल की पढ़ाई खत्म करने के बाद सेना ज्वाइन कर ली थी.
यूक्रेन की कई महिलाएं लड़ रहीं जंग
आज के समय की बात करें, तो यूक्रेन की तरफ से कई महिलाएं अपने देश की रक्षा के लिए जंग के मैदान में उतरी हुई हैं. इनमें वो महिलाएं भी शामिल हैं, जो सेना का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन रूस के हमले से अपने देश को बचाने के लिए लड़ रही हैं. रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला कर दिया था. जिसके बाद से इन दोनों देशों के बीच युद्ध चल रहा है. जिसमें यूक्रेन के हजारों आम नागरिकों की मौत हो गई है. तमाम शहर पूरी तरह तबाह हो गए हैं और लाखों की संख्या में लोगों को अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है.
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