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Kabul काबुल। अफगानिस्तान के नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री ने इस्लामाबाद की एक मस्जिद पर हुए हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे "गैर-जिम्मेदाराना और बेबुनियाद" करार दिया। साथ ही नसीहत दी कि पाकिस्तान अपनी अंदरूनी सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले, दूसरों पर न थोपे। स्थानीय मीडिया ने इसे लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की। अफगानिस्तान का बयान पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक्स पोस्ट के बाद आया है। आसिफ ने कहा था कि इस हमले के तार अफगानिस्तान से जुड़े हैं।
अफगानिस्तान के अरियाना न्यूज ने बताया कि अफगान राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि आसिफ ने बिना ठीक से जांच किए, हमले के लिए "तुरंत और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से" अफगानिस्तान को दोषी ठहराया। चाहे वो बलूचिस्तान हो या फिर पाकिस्तान में दूसरी सुरक्षा में चूक से जुड़ी घटनाएं हों, लगभग सबमें एक सा पैटर्न देखा गया है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमलों को अफगानिस्तान से जोड़ने का "कोई तर्क या आधार नहीं है," और कहा कि ये बयान पाकिस्तान की अंदरूनी सुरक्षा नाकामियों को छिपा नहीं सकते या समस्या को हल करने में मदद नहीं कर सकते।
मंत्रालय ने सवाल किया: "अगर वे घटना के तुरंत बाद अपराधियों की पहचान करने में सच में सक्षम थे, तो वे इसे पहले क्यों नहीं रोक पाए? उन्होंने इस्लामिक मूल्यों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई। उनके अनुसार ये मूल्य उन्हें किसी भी हालत में निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देते। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों से अपनी अंदरूनी सुरक्षा कमियों की जिम्मेदारी लेने, अपनी नीतियों की समीक्षा करने और पाकिस्तान के लोगों और पड़ोसी देशों के प्रति ज्यादा रचनात्मक और सहयोगी रवैया अपनाने को कहा।
शुक्रवार को इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 36 लोग मारे गए। पाकिस्तानी दैनिक डॉन ने बताया था कि तरलाई इलाके स्थित इमामबारगाह कासर-ए-खदीजतुल कुबरा में शुक्रवार की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती हमले में 160 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस बीच स्थानीय मीडिया ने बताया कि अधिकारियों ने संदिग्ध हमलावर की पहचान पेशावर के रहने वाले शख्स के तौर पर की, जिसने कथित तौर पर अफगानिस्तान में आतंकवादी ट्रेनिंग ली थी।
पाकिस्तान के द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने जांच से जुड़े सूत्रों द्वारा साझा की गई शुरुआती जानकारियों के हवाले से बताया कि हमलावर, जिसकी पहचान यासिर खान यासिर के रूप में हुई, कथित तौर पर पाकिस्तान लौटने से पहले लगभग पांच महीने अफगानिस्तान में रहा था। जांचकर्ता संदिग्ध और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रांत (आईएसकेपी) के बीच संभावित संबंधों को लेकर भी तहकीकात कर रहे हैं, हालांकि अधिकारियों ने ये भी कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और कोई अंतिम नतीजा नहीं निकाला गया है।
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