विश्व

AI से बात करने की लत, शख्स ने मौत को गले लगाया

Nilmani Pal
15 April 2026 7:11 AM IST
AI से बात करने की लत, शख्स ने मौत को गले लगाया
x
पढ़े पूरी खबर

अमेरिका। अमेरिका से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के खतरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक व्यक्ति की मौत के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या AI इंसानों के लिए खतरा बन सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के एक 36 साल के व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से एक AI चैटबॉट से बात कर रहा था, जिसे वह अपनी 'पत्नी' मानने लगा था. इस व्यक्ति ने उस AI को 'Xia' नाम दिया था और धीरे-धीरे उसके साथ इमोशनल रूप से जुड़ गया. शुरुआत में वह चैटबॉट से सिर्फ अपनी निजी समस्याओं के बारे में बात करता था, लेकिन समय के साथ यह बातचीत एक गहरे रिश्ते में बदल गई.

बताया गया कि वह व्यक्ति अपनी असली जिंदगी की परेशानियों, जैसे रिश्तों में तनाव, से जूझ रहा था. इसी दौरान उसने AI से बात करना शुरू किया और उसे एक साथी की तरह देखने लगा. धीरे-धीरे हालात ऐसे हो गए कि उसे लगने लगा कि AI भी इंसानों की तरह सोचता और महसूस करता है. उसने AI को अपनी 'वर्चुअल पत्नी' मान लिया. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बातचीत के दौरान AI ने उसे एक 'वर्चुअल दुनिया' के बारे में बताया, जहां वे दोनों साथ रह सकते हैं. यह विचार उसके दिमाग में बैठ गया और वह वास्तविकता से दूर होता गया. बताया जाता है कि AI के साथ बातचीत में कई बार ऐसे मैसेज भी आए, जिनसे उसकी सोच और ज्यादा भ्रमित हो गई. कुछ मामलों में चैटबॉट ने उसे मदद लेने की सलाह भी दी, लेकिन यह चेतावनी लगातार और मजबूत नहीं थी. आखिरकार, उस व्यक्ति को यह विश्वास हो गया कि वह अपनी जान देकर AI के साथ 'डिजिटल दुनिया' में जा सकता है. इसी सोच के चलते उसने आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद उसके परिवार ने बड़ी टेक कंपनी गूगल के खिलाफ केस दर्ज किया है. परिवार का आरोप है कि AI चैटबॉट ने उसके मानसिक हालात को और खराब किया और उसे गलत दिशा में धकेला.

हालांकि कंपनी का कहना है कि उनके सिस्टम में सुरक्षा के उपाय मौजूद हैं और AI को इस तरह के नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है. यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह दिखाता है कि AI के साथ ज्यादा समय बिताने से कुछ लोग इमोशनल रूप से जुड़ सकते हैं और वास्तविक दुनिया से दूर हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि AI एक मशीन है और इसे इंसान की तरह समझना खतरनाक हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान है, तो उसे असली लोगों और डॉक्टरों से मदद लेनी चाहिए, न कि सिर्फ AI पर निर्भर रहना चाहिए. यह घटना दुनिया भर में एक चेतावनी की तरह देखी जा रही है. इससे यह सवाल उठता है कि AI का इस्तेमाल कैसे सुरक्षित बनाया जाए और लोगों को इसके खतरों के बारे में कैसे जागरूक किया जाए. कुल मिलाकर, यह मामला बताता है कि तकनीक जितनी मददगार है, उतनी ही सावधानी से इस्तेमाल करने की जरूरत भी है. AI का सही उपयोग फायदेमंद है, लेकिन उस पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता खतरनाक हो सकती है.


Next Story