
Islamabad इस्लामाबाद, 25 अप्रैल: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार रात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे, जहाँ वे अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। अराघची का स्वागत पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक दार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनिर और पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने किया।
अराघची की टीम ने आज पाकिस्तान सेना प्रमुख असिम मुनिर से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों, अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। वहीं, अमेरिका के प्रतिनिधि भी पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, ईरान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ कोई प्रत्यक्ष बैठक नहीं होगी।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरान-पाकिस्तान संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय शांति तथा सुरक्षा पर विचार-विमर्श करना है। अराघची पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से वार्ता में अमेरिका के साथ जारी तनाव और युद्ध समाप्ति की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे।
अराघची की पाकिस्तान यात्रा में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा। पाकिस्तान और ईरान लंबे समय से पड़ोसी देशों के रूप में जुड़े हुए हैं और उनके बीच ऊर्जा, व्यापार और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग महत्वपूर्ण है।
मुलाकात में यह भी चर्चा हुई कि दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद विरोधी प्रयासों को कैसे मजबूत किया जा सकता है। अराघची ने पाकिस्तान के नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि ईरान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरानी विदेश मंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि उनका दौरा अमेरिका के साथ तनावपूर्ण हालात के बीच क्षेत्र में संवाद और शांति स्थापित करने का प्रयास है। उन्होंने आशा जताई कि पाकिस्तान के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संचार और सहयोग में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरे से न केवल ईरान-पाकिस्तान संबंध मजबूत होंगे, बल्कि अमेरिका के साथ क्षेत्रीय कूटनीतिक परिस्थितियों में भी संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी। अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष वार्ता नहीं होने के बावजूद, पाकिस्तान के माध्यम से मध्यस्थता और संवाद की भूमिका अहम साबित हो सकती है।
अराघची की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के साथ जारी बातचीत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्रीय घटनाक्रम पर एक साझा दृष्टिकोण अपनाया जा सके। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे।
इस प्रकार, ईरान और पाकिस्तान के बीच यह उच्च स्तरीय बैठक द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय शांति और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।





