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नेपाल में जेन जी की लहर से बड़ा सियासी बदलाव, रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा

SHIDDHANT
19 March 2026 12:02 AM IST
नेपाल में जेन जी की लहर से बड़ा सियासी बदलाव, रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा
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New Delhi/Kathmandu नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल में जेन जी की उभरती ताकत ने देश की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव ला दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार हालिया चुनाव परिणामों ने सभी अनुमान गलत साबित कर दिए हैं, जहां बालेन शाह की लोकप्रियता और उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने करीब दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सियासी समीकरण बदल दिए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2008 में लोकतंत्र की स्थापना के बाद से नेपाल की राजनीति पर पारंपरिक दलों नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) का वर्चस्व रहा है। इनके प्रमुख नेताओं में शेर बहादुर देउबा, पुष्प कमल दहल (प्रचंड) और के. पी. शर्मा ओली शामिल रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बलेन्द्र शाह (बालेन) एक इंजीनियर और रैपर के रूप में पहचान रखते हैं। उन्होंने 2022 में काठमांडू मेयर का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतकर राजनीति में कदम रखा था। महज तीन साल के अनुभव और बिना किसी राजनीतिक परिवार या मजबूत पार्टी बैकअप के, उन्होंने हालिया चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में इतिहास रच दिया और सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जातीय, क्षेत्रीय और धार्मिक विभाजनों वाले देश में इस तरह का जनादेश यह दर्शाता है कि
मुद्दों
पर आधारित राजनीति लोगों को एकजुट कर सकती है। यह भी बताया गया कि नेपाल में अब तक कोई भी पार्टी स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी और गठबंधन सरकारों के कारण राजनीतिक अस्थिरता बनी रहती थी। लेकिन इस बार के जनादेश से यह परंपरा टूटती दिख रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस परिणाम से विपक्ष को अब मजबूरी में विपक्ष की भूमिका निभानी पड़ेगी और सरकार बनाने के लिए बीच का समझौता (बर्गेनिंग) खत्म हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नेपाल का यह बदलाव पूरे दक्षिण एशिया में ध्यान आकर्षित कर रहा है। बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों में पहले ही बदलाव देखने को मिला है, जबकि पाकिस्तान और मालदीव जैसे देशों में भी ऐसी राजनीतिक लहर देखने को मिल सकती है
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