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81 फीट भगवान राम प्रतिमा मामला, गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद

Saba Naaz
18 July 2026 7:13 PM IST
81 फीट भगवान राम प्रतिमा मामला, गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद
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बांग्लादेश: भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को ढाका में अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं ने हिंदू युवक हरिदास चंद्र तारणी दास की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दास पर लगाए गए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के पीछे गाइबांधा जिले में भगवान राम की विशाल प्रतिमा के निर्माण को रोकने की साजिश है। हालांकि, मामले को लेकर अधिकारियों की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के सदस्यों सहित कई अल्पसंख्यक संगठनों के नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हरिदास चंद्र तारणी दास की तत्काल रिहाई की मांग की और आरोप लगाया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।

बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के महासचिव मनिंद्र कुमार नाथ ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में दास की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरिदास को इस आरोप में गिरफ्तार किया कि उन्होंने पलाशबाड़ी क्षेत्र में भगवान राम की मूर्ति का निर्माण कराया था। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई को अल्पसंख्यक समुदाय स्वीकार नहीं करेगा।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हरिदास चंद्र तारणी दास पर लगाया गया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भगवान राम की प्रस्तावित प्रतिमा के निर्माण कार्य को रोकने के उद्देश्य से दर्ज किया गया है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यों को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है।

मनिंद्र कुमार नाथ ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा और हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल बांग्लादेश में करीब 3000 घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोगों की जान गई और कुछ धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। एकता परिषद के वरिष्ठ नेता सुब्रत चौधरी ने कहा कि देश में भाईचारे और शांति का माहौल बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन लोगों की वजह से ऐसा माहौल बन रहा है, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।

उन्होंने प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अल्पसंख्यकों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।

यह मामला उस समय सामने आया है, जब कुछ सप्ताह पहले इसी जिले में भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान को लेकर हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब हरिदास चंद्र तारणी दास की गिरफ्तारी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

भगवान राम की 81 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण को लेकर चल रहे विवाद ने बांग्लादेश में धार्मिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। अल्पसंख्यक संगठन जहां इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

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